ड्रग मनी को ठिकाने लगाने के लिए शेल कंपनियां बनाने और विदेशों में पैसा भेजने का आरोप
भारत इंफो, चंडीगढ़
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से संबंधित 736.96 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी जांच में मजीठिया को कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क का मुख्य साजिशकर्ता और लाभार्थी बताया है। आरोप है कि अवैध ड्रग कारोबार से अर्जित धन को परिवार के सदस्यों, करीबी रिश्तेदारों और कारोबारी नेटवर्क के माध्यम से ठिकाने लगाया गया।
विजिलेंस के अनुसार, कथित धन को समायोजित करने के लिए कई शेल कंपनियां बनाई गईं। इसके अलावा विदेशी कंपनियों के माध्यम से पैसा साइप्रस और सिंगापुर भेजे जाने तथा उस धन का इस्तेमाल संपत्तियां, विमान और अन्य परिसंपत्तियां खरीदने में किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले विजिलेंस ब्यूरो मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मोहाली की अदालत में हजारों पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुका है। जांच एजेंसी ने कथित तौर पर 736.96 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन को जांच के दायरे में रखा है।