Wednesday, November 4, 2026
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अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव: अग्निवीरों को अब 4 नहीं, 6 साल तक सेवा का मौका

दिसंबर में रिटायर होने वाले 18,300 जवानों को मिलेगा दो साल का एक्सटेंशन

भारत इंफो, नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव करते हुए अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा का अवसर देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस फैसले से उन अग्निवीरों को राहत मिलेगी, जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद दिसंबर 2026 में सेना से बाहर होना तय था। पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों को अब दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया जाएगा। यानी उनका सेवा कार्यकाल चार से बढ़कर छह साल तक हो सकेगा।

75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा दूसरा मौका

अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जा सकता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाना था। नई व्यवस्था के तहत इन शेष अग्निवीरों को दो साल का ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ दिया जाएगा। इसके बाद नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर भी मिलेगा। इसके लिए संबंधित अग्निवीर की इच्छा, शारीरिक फिटनेस, सेवा के दौरान प्रदर्शन और निर्धारित चयन मानदंडों को आधार बनाया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ने अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव किए हैं। अब शारीरिक परीक्षा से पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा अग्निवीरों को सेना में हासिल प्रशिक्षण और कौशल के लिए प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे, जिससे भविष्य में रोजगार के अवसरों में मदद मिल सके।

क्यों लिया गया फैसला?

अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू की गई थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में जवानों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है। योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा और आधुनिक बनाना था। हालांकि, चार साल बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों की सेवा समाप्त होने को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब सरकार के इस फैसले से उन्हें सैन्य सेवा में बने रहने और नियमित सैनिक बनने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को सशस्त्र बलों में दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

 

फैसले की प्रमुख बातें:

चार साल के बाद दो साल का और अवसर।

करीब 18,300 अग्निवीरों को तत्काल लाभ मिलने की उम्मीद।

नियमित सैनिक बनने का भी अतिरिक्त अवसर, निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत।

लिखित परीक्षा अब शारीरिक परीक्षा से पहले होगी।

सेवा के दौरान अर्जित कौशल के प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।

 

 

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