भारत इंफो : पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र का अंतिम दिन राजनीतिक ड्रामे, तीखी बहस और जोरदार विरोध प्रदर्शनों की भेंट चढ़ गया। सदन के भीतर और बाहर विपक्षी दलों ने राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला, जिसके चलते माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा।
काले कपड़े में पहुंचे कांग्रेसी विधायक, सदन में रोकने का लगाया आरोप
कांग्रेस विधायक गले में काला कपड़ा पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों द्वारा विधायकों को सदन में प्रवेश करने से रोका गया। इस मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और अंततः सदन की कार्यवाही का बायकॉट कर दिया।
स्पीकर ने दिए जांच के आदेश, दिए सख्त निर्देश
सदन में विधायकों को रोके जाने के दावों पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) कुलतार सिंह संधवां ने विधानसभा सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। स्पीकर ने बसपा विधायक नछत्तर पाल से भी पूछा कि क्या उन्हें रोका गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि वह अपने समय के पाबंद हैं। इसके बाद स्पीकर ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी सदस्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई न हुई हो, तब तक किसी भी माननीय सदस्य को सदन में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा।
पोडियम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर आप और कांग्रेस में धक्का-मुक्की
विधानसभा परिसर स्थित पोडियम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने को लेकर आप और कांग्रेस विधायक आपस में भिड़ गए। आप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रताप सिंह बाजवा पर निशाना साधते हुए कहा कि बाजवा की गुंडागर्दी परिसर के अंदर नहीं चलने दी जाएगी। वहीं, बाजवा ने आप विधायकों पर उनके साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया।
खैहरा और माणुके के बीच तीखी नोकझोंक, मानहानि केस की चेतावनी
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और आप विधायक सरबजीत कौर माणुके के बीच सीधी भिड़ंत देखने को मिली। खैहरा ने माणुके पर एनआरआई की कोठी पर कब्जे के आरोपों को लेकर नारेबाजी की। पलटवार करते हुए माणुके ने कहा कि अदालत से उन्हें इस मामले में राहत मिल चुकी है और वह खैहरा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगी।
हाथ में बोतल लेकर पहुंचे रवनीत बिट्टू, नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
सदन के बाहर भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू एक बोतल लेकर पहुंचे और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा हमला बोला। उन्होंने मीडिया के सामने राज्य में नशे की समस्या और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया।