जातिगत भेदभाव के आरोपों पर 12 आप विधायकों ने मांगी माफी, ग्यासपुरा के बयानों से किया किनारा
भारत इंफो, अमृतसर
अकाल तख्त ने पायल विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को ‘तन्खाइया’ घोषित कर दिया है। अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के नेतृत्व में पांच सिंह साहिबानों ने यह फैसला सुनाया। साथ ही वैश्विक सिख समुदाय को ग्यासपुरा के साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखने का निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई 12 अक्टूबर को अकाल तख्त सचिवालय के बाहर ग्यासपुरा की ओर से की गई विवादित टिप्पणियों के बाद हुई। ग्यासपुरा ने आरोप लगाया था कि उन्हें जातिगत भेदभाव के कारण प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि, अकाल तख्त की ओर से स्पष्ट किया गया कि उन्हें जाति के आधार पर नहीं, बल्कि सिख संस्थाओं के प्रति पूर्व में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण प्रवेश से रोका गया था। उसी प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य दलित विधायकों को प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
12 आप विधायकों ने लिखित माफी मांगी
ग्यासपुरा के बयानों से दूरी बनाते हुए आम आदमी पार्टी के 12 विधायक अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज और तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला के समक्ष पेश हुए। विधायकों और उनके साथ पहुंचे आप नेताओं ने संयुक्त लिखित बयान सौंपकर अपनी चूक स्वीकार की और क्षमा मांगी। विधायकों ने स्वीकार किया कि निर्देशों के बावजूद वे मीडिया के सामने यह स्पष्ट नहीं कर सके कि अकाल तख्त में प्रवेश को लेकर कोई जातिगत भेदभाव नहीं हुआ था और ग्यासपुरा की टिप्पणियां अनुचित थीं।
जाति के आधार पर प्रवेश रोकने से किया इनकार
विधायकों ने दोहराया कि अकाल तख्त में किसी भी व्यक्ति को जाति, नस्ल या रंग के आधार पर प्रवेश से नहीं रोका जाता। उन्होंने ग्यासपुरा के बयानों को उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए उनसे खुद को अलग कर लिया। इसके बाद कार्यकारी जत्थेदार ने प्रतिनिधिमंडल को मीडिया के सामने सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया, ताकि मामले में स्थिति स्पष्ट हो सके।