भारत इंफो, चंडीगढ़
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। चंडीगढ़ की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूछताछ के लिए आरोपी भुल्लर को आठ दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।
यह पूरा मामला एक साल पुराना है, जब 16 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक रिश्वतखोरी के मामले में भुल्लर को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई स्क्रैप कारोबारी आकाश बट्टा की शिकायत पर दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर की गई थी। आकाश का आरोप था कि रोपड़ रेंज के तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने सरहिंद थाने में दर्ज एक मामले में मदद करने और उनके व्यवसाय को कानूनी कार्रवाई से बचाने के बदले एक निजी बिचौलिए कृशानु शारदा के माध्यम से भारी रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई की इसी कार्रवाई को आधार बनाकर ईडी ने 6 नवंबर 2025 को भुल्लर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का नया केस दर्ज किया था।
अदालत की इस कार्रवाई का बचाव पक्ष ने कड़ा विरोध किया। आरोपी डीआईजी भुल्लर की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील एसपीएस भुल्लर और करनजीत सिंह ने ईडी की रिमांड अर्जी को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि यह गिरफ्तारी और रिमांड की मांग ऐसे समय में की गई है जब सीबीआई कोर्ट में मुख्य शिकायतकर्ता से जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) चल रही है, जो आरोपी के निष्पक्ष ट्रायल के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश है। इसके अलावा, वकीलों ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास पहले से ही मामले से जुड़े तमाम दस्तावेज मौजूद हैं और इस केस में भुल्लर के परिवार वालों को भी कई बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है, इसलिए इस रिमांड की कोई आवश्यकता नहीं थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता और वित्तीय लेन-देन की परतों को खंगालने के लिए निलंबित अधिकारी को 8 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में सौंपने का आदेश जारी किया।