भारत इंफो : पंजाब में मानसून का प्रवाह फिलहाल धीमा पड़ गया है। मौसम विभाग से प्राप्त सैटेलाइट डेटा के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से से मानसूनी बादल छंटने लगे हैं, जिसके चलते बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। हालांकि, पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे हिमाचल से सटे जिलों में अभी भी बादलों का घनत्व बना हुआ है, जबकि जालंधर, लुधियाना और कपूरथला के कुछ हिस्सों में केवल बादलों की हल्की पट्टी देखी जा रही है। वहीं, बठिंडा, मानसा, मुक्तसर और फाजिल्का सहित पूरे मालवा क्षेत्र में मानसून फिलहाल नदारद है।
मंगलवार की सुबह मोहाली और जालंधर के कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई थी, लेकिन दोपहर तक मौसम साफ हो गया और बारिश का सिलसिला थम गया। विभाग के अनुसार, राज्य में 13 से 18 जुलाई के बीच मानसून की सक्रियता कमजोर रहने के आसार हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में भारी बारिश की उम्मीद नहीं है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले 24 घंटों का रिकॉर्ड देखें तो पंजाब के अधिकांश जिले पूरी तरह शुष्क रहे हैं, केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में ही कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें दर्ज की गईं। चंडीगढ़ में भी स्थिति सामान्य बनी हुई है, जहां आंशिक बादल छाए रहेंगे और इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल मौसम विभाग की ओर से राज्य में किसी प्रकार का भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे किसानों और आम जनमानस को फिलहाल राहत की बारिश के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।