भारत इंफो : जालंधर देहात पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देता था। शाहकोट पुलिस और सीआईए स्टाफ ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी अनमोल रतन और उसकी पत्नी मनदीप कौर को दबोच लिया है। इस मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी सर्वण सिंह बल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 17 जुलाई 2025 को रवीन कौर नामक महिला की शिकायत पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था।
31.50 लाख की ठगी और पुलिस को छकाने का तरीका
शिकायतकर्ता रवीन कौर ने आरोप लगाया था कि अनमोल रतन ने उसे पुलिस महकमे में डीएसपी, उसकी भतीजी को इंस्पेक्टर और भाई को हवलदार भर्ती कराने का लालच देकर 31 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। पैसे लेने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए शातिर अनमोल रतन बार-बार अपनी लोकेशन और मोबाइल नंबर बदल लेता था। हालांकि, टेक्निकल सेल की मदद से पुलिस ने जाल बिछाया और अंततः उसे उसकी पत्नी के साथ धर दबोचा। फिलहाल आरोपी 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर है।
नकली दस्तावेजों का जाल और निवेश का सच
पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। उसने खुलासा किया कि उसने खुद को आईपीएस अधिकारी दर्शाने के लिए फर्जी आईडी कार्ड और दस्तावेज तैयार किए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल और नकली दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी के वित्तीय लेनदेन की जांच में पता चला है कि ठगी की रकम का उसने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। उसने शाहकोट में एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में 17 लाख रुपये निवेश किए, नकोदर में कोठी खरीदने के लिए 10 लाख रुपये दिए और एक सियाज कार खरीदने में भी बड़ी राशि खर्च की। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसने कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है।