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जालंधर में आयकर अधिनियम 2025 पर मेगा आउटरीच कार्यक्रम, नए टैक्स कानून की दी गई जानकारी

भारत इंफो : आयकर विभाग ने प्रधान आयकर आयुक्त डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया के नेतृत्व में तथा सीए एसोसिएशन, जालंधर के सहयोग से ‘प्रारंभ 2026’ नामक मेगा आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य हाल ही में लागू आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर नियम, 2026 की प्रमुख विशेषताओं और सरल प्रावधानों के बारे में करदाताओं, पेशेवरों और अन्य हितधारकों को जागरूक करना था।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा आयकर आयुक्त (अपील) बलविंदर कौर भी मौजूद रहीं।

नए कानून की सोच और उद्देश्यों पर प्रकाश
अपने संबोधन में डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया ने आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर नियम, 2026 को लागू करने के पीछे की सोच और उद्देश्यों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नया कानून करदाता-अनुकूल और सरल ढांचे पर आधारित है, जिसका उद्देश्य कर प्रणाली में स्पष्टता लाना, जटिलताओं को कम करना और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है।

उन्होंने आयकर अधिनियम, 1961 से नए ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला और कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल तथा सुलभ बनाने के लिए किए गए सुधारों की जानकारी दी।

डिजिटल सेवाओं और नई पहलों की जानकारी
प्रधान आयकर आयुक्त ने विभाग की तकनीक आधारित पहलों ‘आयकर सेतु’ और ‘कर साथी’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य करदाताओं को आसान सहायता उपलब्ध कराना, अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाना और सेवा वितरण में सुधार करना है।

उन्होंने कहा कि विभाग नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में कार्य कर रहा है और इसके लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं, जो करदाताओं और विभाग के बीच पारदर्शिता तथा विश्वास को मजबूत करते हैं।

तकनीकी सत्र में समझाए गए नए नियम
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर नरेश कुमार भगत और सतविंदर पाल सिंह ने विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों, पुराने कानून की तुलना में हुए बदलावों, अनुपालन आवश्यकताओं और करदाताओं व टैक्स प्रोफेशनल्स पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

बड़ी संख्या में पहुंचे प्रोफेशनल्स और करदाता
कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, बार एसोसिएशन के सदस्य, व्यापार एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, प्रमुख व्यवसायी, डॉक्टर, प्रोफेशनल्स, करदाता और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने नए कर कानून के विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे और विस्तृत जानकारी हासिल की।

सीए एसोसिएशन ने की पहल की सराहना
इस अवसर पर सीए एसोसिएशन, जालंधर के चेयरमैन सी.के. कौल और महासचिव अश्वनी जिंदल ने आयकर विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम करदाताओं में जागरूकता बढ़ाने और विभाग तथा प्रोफेशनल समुदाय के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सहयोग और जागरूकता के संकल्प के साथ समापन
‘प्रारंभ 2026’ कार्यक्रम आयकर अधिनियम, 2025 के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी मंच साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ नए कर ढांचे को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सभी हितधारकों द्वारा मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया गया।

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