भारत इंफो : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सील्ड रोड परमिट विवाद को लेकर मंगलवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। वकीलों के विरोध प्रदर्शन के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह की निजी गाड़ी सहित कई अधिकारियों के वाहनों के चालान काटे गए। इस दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारी वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
मंत्री की गाड़ी का कटा चालान
जानकारी के अनुसार, शिल्ली चौक के पास हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने सील्ड रोड से गुजर रहे वाहनों को रोककर उनके परमिट की जांच शुरू की। इसी दौरान PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह की निजी गाड़ी भी वहां पहुंची। आरोप है कि वाहन सील्ड रोड से गुजर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने 1500 रुपये का चालान काट दिया। उस समय गाड़ी में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Pratibha Singh भी सवार थीं।
अधिकारियों के वाहनों पर भी कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने कई अन्य वाहनों की भी जांच करवाई। बताया जा रहा है कि एसडीएम ओशीन शर्मा और डीआईजी रैंक के एक पुलिस अधिकारी की गाड़ी का भी चालान किया गया। वहीं, ठियोग के विधायक और हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुलदीप राठौड़ की गाड़ी को भी रोका गया, हालांकि बाद में उसे जाने दिया गया।
परमिट फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध
दरअसल, शिमला में कई सड़कों को सील्ड रोड घोषित किया गया है, जहां वाहनों की आवाजाही के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। हाल ही में सरकार द्वारा परमिट फीस में भारी बढ़ोतरी किए जाने के बाद वकीलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी वकील मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं।
सचिवालय के बाहर धरना और चक्का जाम
वकीलों ने ओक ओवर से सचिवालय तक रोष मार्च निकाला और सचिवालय परिसर के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। वकीलों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है और अब वे मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
पत्रकार पर भड़कीं SDM
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को संभालने पहुंचीं एसडीएम ओशीन शर्मा का एक वीडियो भी चर्चा में आ गया। वीडियो में वह एक पत्रकार से नाराजगी जताते हुए दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कथित तौर पर पत्रकार से कहा कि वह उनकी रिकॉर्डिंग न करें और किसी अन्य विषय को कवर करें। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सड़क जाम को लेकर लोगों में नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान आम लोगों और वकीलों के बीच भी बहस देखने को मिली। एक महिला ने सड़क जाम होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यातायात बाधित होने से उनके बच्चे फंस गए हैं और सड़क को तुरंत खोला जाना चाहिए। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करता रहा।