भारत इंफो : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर खुलकर असहमति जताई है। एक इंटरव्यू के दौरान कैप्टन ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों फिलहाल राजनीतिक नेतृत्व के लिहाज से भाजपा का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त विकल्प नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस फैसले को लेकर उनसे कोई सलाह या राय नहीं ली।
दोस्ती और राजनीति को बताया अलग-अलग विषय
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों उनके पुराने मित्र हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध और राजनीतिक योग्यता अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में निर्णय ऊपर से लिए जाते हैं, जबकि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं की राय ली जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रदेश अध्यक्षों सुनील जाखड़ और अश्विनी शर्मा को हटाने की कोई आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि दोनों अपना काम प्रभावी ढंग से कर रहे थे।
दरकिनार किए जाने पर जताई नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह पंजाब के मुख्यमंत्री थे, उस समय केवल सिंह ढिल्लों काफी सक्रिय रहते थे, लेकिन अब उनका वह प्रभाव और सक्रियता दिखाई नहीं देती। उन्होंने स्वीकार किया कि इस फैसले में उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, जिससे उन्हें निराशा हुई। कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए उनकी राय को महत्व दिया जाता था, जबकि भाजपा में फैसले शीर्ष नेतृत्व द्वारा किए जाते हैं।
भाजपा-अकाली गठबंधन की फिर की वकालत
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर पंजाब में भाजपा और अकाली दल के बीच गठबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों दलों का साथ आना जरूरी है। हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अकेले दम पर पंजाब में चुनावी सफलता हासिल नहीं कर सकती, जब तक कि वह अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत न करे।
कांग्रेस में वापसी की अटकलों को किया खारिज
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में वापसी की सभी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस में लौटने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने अपनी बेटी जयइंदर कौर का जिक्र करते हुए कहा कि वह भाजपा में रहकर पूरी मेहनत से काम कर रही हैं और आगे भी पार्टी के साथ जुड़ी रहेंगी। कैप्टन ने दावा किया कि कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है और फिलहाल उसके सत्ता में लौटने की संभावनाएं बेहद कम हैं।