भारत इंफो : महिला आरक्षण कानून को लेकर देश की सियासत में छिड़ी जंग अब जालंधर तक पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने के लिए जालंधर कांग्रेस भवन में एक विशेष संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कांग्रेस प्रवक्ता डॉली शर्मा और पूर्व मंत्री राज कुमार वेरका सहित कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। डॉली शर्मा ने भाजपा के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सत्ता में समान भागीदारी देने की वकालत की है, जबकि भाजपा केवल शर्तों के पीछे छिप रही है।
बृजभूषण शरण सिंह के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉली शर्मा ने उत्तर प्रदेश के नेता बृजभूषण शरण सिंह का मुद्दा उठाकर भाजपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा ने अब तक बृजभूषण का सरकारी बंगला खाली नहीं करवाया है और वहां लगी नेमप्लेट पर आज भी ‘सांसद’ लिखा हुआ है। डॉली ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा महिला सम्मान की बात करती है और दूसरी तरफ ऐसे नेताओं को वीआईपी सुविधाएं दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाथरस और उन्नाव जैसी घटनाओं में पीड़ित परिवारों को हक दिलाने के लिए केवल कांग्रेस ने जमीन पर लड़ाई लड़ी है।
बिना शर्त 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग
आरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए डॉली शर्मा ने कहा कि भाजपा आज 33 प्रतिशत आरक्षण देने में हिचकिचा रही है, जबकि कांग्रेस ने 2017 में पंजाब की सत्ता में आते ही नगर निगम और पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। उन्होंने प्रियंका गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिए थे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट मांग की है कि केंद्र सरकार बिना किसी जनगणना या परिसीमन की शर्त के तत्काल प्रभाव से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करे ताकि संसद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
भाजपा और कांग्रेस के बीच वैचारिक अंतर का दावा
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि भाजपा ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथरस कांड के दौरान जब राहुल गांधी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पैदल निकले थे, तब भाजपा सरकार ने बच्ची के परिवार को अंतिम संस्कार तक का हक नहीं दिया था। डॉली शर्मा ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में न्याय की गति बेहद धीमी है, जो यह दर्शाता है कि भाजपा की नीतियां महिला हितैषी नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि अगर संसद में 50 प्रतिशत महिलाएं पहुंचती हैं, तो यह पूरे देश के लिए गर्व की बात होगी।