भारत इंफो : अमृतसर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। जेल परिसर के भीतर से सामने आए एक नए वीडियो ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में जेल के अंदर बंद दो कैदियों ने जेल अधिकारियों पर मारपीट करने, मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और रिहाई के बदले दो लाख रुपये की फिरौती मांगने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद जेल के भीतर कैदियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
जेल अधिकारियों पर लगाए संगीन आरोप
वीडियो के माध्यम से कैदियों ने सीधे तौर पर जेल के उच्चाधिकारियों का नाम लेते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कैदियों का कहना है कि अतिरिक्त डिप्टी, डिप्टी करमजीत और साहिब सिंह उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कहा कि यदि वे दो लाख रुपये देते हैं, तो उन्हें वहां से निकाल दिया जाएगा। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए एक कैदी ने वीडियो में अपनी पीठ पर लगे मारपीट के गहरे निशान भी दिखाए हैं, जो जेल के भीतर हुई कथित प्रताड़ना की ओर इशारा कर रहे हैं।
बेअदबी कांड और सिख संगठनों से मदद की अपील
इन आरोपों में सबसे गंभीर पहलू यह है कि पीड़ित कैदियों में से एक बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े प्रदीप हत्याकांड का आरोपी है। कैदियों ने आरोप लगाया कि उन्हें यह कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है कि उन्होंने उनके ‘गुरु पाई’ को मारा है। स्थिति को बिगड़ता देख कैदियों ने सिख संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और उनकी जान बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके साथ जेल के नियमों के विरुद्ध व्यवहार किया जा रहा है।
जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस वीडियो के वायरल होने के बाद अमृतसर केंद्रीय जेल के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं। यह पहली बार नहीं है जब यह जेल विवादों में रही है, इससे पहले भी फोन पर हुई बातचीत के ऑडियो लीक होने के दावे किए गए थे। अब नए वीडियो ने जेल प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर अभी तक जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे सस्पेंस और भी बढ़ गया है।