भारत इंफो : डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती एवं वैसाखी का उत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कन्नौजिया द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई। इस अवसर पर प्रो. अनिश सचदेवा, डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इसके बाद सेंट्रल सेमिनार हॉल में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर जी के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात कार्यक्रम का स्वरूप वैसाखी के रंगारंग उत्सव में बदल गया, जहाँ विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक विविधता को दर्शाया और पूरे वातावरण को उत्साह एवं उमंग से भर दिया। इस अवसर पर संस्थान ने उत्कंश समन्वयकों तथा विभिन्न संस्थागत क्लबों में सक्रिय रूप से कार्यरत विद्यार्थियों के प्रयासों को भी सराहा और उन्हें उनके समर्पण एवं योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए।
अपने संबोधन में निदेशक प्रो. बि. के. कन्नौजिया ने वैसाखी की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि डॉ. अंबेडकर जी का जीवन-दर्शन समाज को समानता और समावेशिता की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे जिम्मेदार और जागरूक नागरिकों का निर्माण करें। इस अवसर पर डॉ. जगविंदर सिंह ने भी संस्थान को बधाई दी और विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
वैसाखी उत्सव में भांगड़ा क्लब की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को आनंद और उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम का समापन टीम कल्चरल अफेयर्स की चेयरपर्सन प्रो. इंदु सैनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। संस्थान प्रशासन ने सभी से डॉ. अंबेडकर जी के विचारों और मूल्यों को आत्मसात कर एक प्रगतिशील और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।