भारत इंफो : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब की सबसे बड़ी समस्या ‘नशा’ को जड़ से खत्म करने के लिए एक ठोस ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। एक हालिया कार्यक्रम के दौरान शाह ने स्पष्ट किया कि पंजाब को नशा मुक्त बनाना उनके लिए कोई राजनीतिक लाभ का विषय नहीं है, बल्कि यह समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी दिनों में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नशे के सौदागरों के खिलाफ एक निर्णायक और बड़ा अभियान शुरू करने जा रही हैं।
सहयोग से लड़ा जाएगा नशे के खिलाफ युद्ध
अमित शाह के अनुसार, केंद्र सरकार पूरे देश में नशे के विरुद्ध एक व्यापक युद्ध छेड़ने की तैयारी में है और ‘नशा मुक्त पंजाब’ इसी राष्ट्रीय मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय भी राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। इस मिशन को सामाजिक आंदोलन बनाने के लिए जनता और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा, जिसमें पंजाब पर विशेष फोकस रखा गया है।
2027 के चुनाव और नशा मुक्ति का संकल्प
शुक्रवार रात को आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री ने अपने पुराने वादों को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब की जनता से एक बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। शाह ने विश्वास जताया कि यदि 2027 में पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है, तो महज दो साल के भीतर पूरे प्रदेश को पूरी तरह से नशा मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए कड़े कदम उठाना अनिवार्य है और केंद्र इसके लिए पूरी तरह तैयार है।