भारत इंफो : जालंधर शहर में बीते दिन पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर एक असामान्य स्थिति देखने को मिली, जिसके चलते आम जनता में भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। कई पेट्रोल पंपों पर स्थिति यह रही कि सामान्य पेट्रोल खत्म हो गया और उपभोक्ताओं को केवल प्रीमियम पेट्रोल ही उपलब्ध हो सका। इस अचानक बढ़ी भीड़ के कारण आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा और पूरे शहर में तेल खत्म होने की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं।
पैनिक बाइंग और लॉकडाउन की अफवाहें
संविधान चौक के समीप स्थित पेट्रोल पंप के संचालक और भारत पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुखमोहन सिंह ने मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल का स्टॉक कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लॉकडाउन लगने जैसी झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इन्हीं अफवाहों के डर से लोग पैनिक होकर अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे हैं और तेल स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से लॉकडाउन जैसी कोई योजना नहीं है और जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
पंप ‘ड्राई’ होने के पीछे का तकनीकी कारण
प्रेसिडेंट सुखमोहन सिंह ने उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि पंपों के पास केवल 10 दिन का स्टॉक बचा है। उन्होंने बताया कि सभी पेट्रोल पंप ऑटोमैटिक तकनीक पर आधारित हैं और इनमें सबमर्सिबल मोटरें लगी होती हैं। तकनीकी कारणों से जब टैंक में तेल का स्तर 2000 लीटर से कम रह जाता है, तो ये मशीनें तेल उठाना बंद कर देती हैं। ऐसे में अचानक बढ़ी भारी मांग के कारण कई पंपों पर तेल का स्तर नीचे चला गया, जिसे लोगों ने पंपों का ‘ड्राई’ होना समझ लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि तेल की सप्लाई लगातार जारी है और कंपनियां लगातार स्टॉक भेज रही हैं।
एलपीजी की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति
एलपीजी की आपूर्ति में आ रही बाधाओं पर चर्चा करते हुए सिंह ने बताया कि ऑल इंडिया पार्टी की हालिया बैठक में प्रोडक्शन को 95 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है और आने वाले समय में एलपीजी से पीएनजी (PNG) में कनवर्ट होने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को ईरान और रूस से पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल की मंजूरी मिल रही है, जिससे भविष्य में सप्लाई बाधित होने का कोई खतरा नहीं है।