loader-image
Jalandhar, IN
temperature icon 35°C
Breaking News

मशहूर सिंगर मास्टर सलीम का रो-रोकर बुरा हाल, पिता की अंतिम अरदास में उमड़ा सितारों का सैलाब

भारत इंफो : पंजाब के मशहूर बॉलीवुड गायक मास्टर सलीम के पिता और संगीत की दुनिया के महान स्तंभ उस्ताद पूरण शाह कोटी की अंतिम अरदास आज जालंधर के मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में संपन्न हुई। इस शोकपूर्ण अवसर पर पंजाब और बॉलीवुड संगीत जगत से जुड़ी तमाम बड़ी हस्तियां अपने गुरु और मार्गदर्शक को नमन करने पहुंचीं। उस्ताद शाह कोटी का 72 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, जिससे कला जगत में एक कभी न भरने वाला शून्य पैदा हो गया है।

मास्टर सलीम की आंखों में छलका पिता को खोने का दर्द
अंतिम अरदास के दौरान माहौल तब बेहद भावुक हो गया जब मास्टर सलीम अपने पिता की तस्वीर को देखकर फूट-फूट कर रोने लगे। पिता को खोने का गम उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। इस दौरान उन्हें ढांढस बंधाने के लिए सूफी गायक हंसराज हंस, मोहम्मद सद्दीक, जैजी बी, राज जुझार, रेशम अनमोल, सचिन आहूजा, मंगी माहल, कलेर कंठ और फिरोज खान सहित दर्जनों कलाकार वहां मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि उस्ताद जी का जाना उनके लिए किसी व्यक्तिगत क्षति से कम नहीं है।

सदियों में एक बार पैदा होते हैं ऐसे फकीर कलाकार
प्रसिद्ध गायक मंगी माहल ने उस्ताद जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ‘फकर’ यानी फकीरी को जिया। उन्होंने पूरण शाह कोटी की तुलना नुसरत फतेह अली खान और चरणजीत आहूजा जैसे महान नामों से करते हुए कहा कि ऐसे उस्ताद सदियों में एक ही बार दुनिया में आते हैं। वहीं, राज जुझार ने कहा कि उस्ताद जी ने हमेशा अपने शिष्यों को मर्यादा में रहकर गायकी करना सिखाया, यही कारण है कि उनके सिखाए हुए किसी भी कलाकार ने आज तक अश्लीलता का सहारा नहीं लिया।

संगीत इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति
गायकों और संगीतकारों ने इस साल को संगीत जगत के लिए बेहद भारी बताया। संगीत निर्देशक सचिन आहूजा ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने पिता को खोया और अब उस्ताद शाह कोटी का जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। जैजी बी ने भी परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि शाह कोटी ने पूरी दुनिया में अपना नाम कमाया और अनगिनत कलाकारों को तराश कर इंडस्ट्री को दिया। उन्होंने हंसराज हंस, जसबीर जस्सी और बब्बू मान जैसे गायकों को संगीत की शिक्षा देकर पंजाबी संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *