भारत इंफो : जालंधर के नूरमहल स्थित बुडाला मंजकी के मैरिट पब्लिक हाई स्कूल (Merit Public High School) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल के 9वीं कक्षा के एक छात्र के पिता ने स्कूल प्रशासन पर बेटे के साथ मारपीट करने, ‘बैड टच’ करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
पीड़ित छात्र के पिता खुशवंत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि स्कूल की प्रिंसिपल के पति राकेश कुमार वालिया ने उनके बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट की। आरोप है कि राकेश वालिया ने बच्चे को अपमानित करते हुए यहाँ तक कह दिया कि वह घर जाकर फंदा लगा ले। स्कूल से जल्दी घर लौटने पर जब बेटे ने परिजनों को यह बात बताई, तो वह मानसिक रूप से इतना टूट चुका था कि उसने घर पर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। गनीमत रही कि उसकी माँ और घर पर काम करने वाली लड़की ने उसे देख लिया और वक्त रहते बचा लिया।
टीचर पर ‘बैड टच’ और अयोग्य होने का दावा
पिता ने स्कूल के एक अन्य पुरुष टीचर पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह टीचर उनके बेटे को ‘बैड टच’ (गलत तरीके से छूना) करता था और आपत्तिजनक बातें कहता था। पिता का दावा है कि उक्त टीचर महज 8वीं पास है, लेकिन इसके बावजूद उसे स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात किया गया है। खुशवंत सिंह ने यह भी बताया कि जब उन्होंने घटना के बाद राकेश वालिया को फोन किया, तो उसने गाली-गलौज की और असंवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि “वह (बेटा) मरा नहीं।”
पुलिस कार्रवाई पर सवाल, प्रशासन चुप
इस घटना में छात्र को काफी चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से बीते दिन उसे छुट्टी मिली है। पिता का आरोप है कि थाना नूरमहल पुलिस को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और न ही पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने और मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।