भारत इंफो : इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत के मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज मोड़ आया है। अमृतसर पुलिस ने इस मामले में फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के चार वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जांच के बाद पुलिस ने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर तपिश शुक्ला, एनेस्थीसिया कंसल्टेंट डॉक्टर अल्का तिवारी, एनेस्थीसिया विभाग की हेड डॉक्टर राजेंद्र कौर और कार्डियोलॉजी कंसल्टेंट डॉक्टर अरुण कुमार चोपड़ा को नामजद किया है। इन डॉक्टरों पर आरोप है कि सर्जरी के दौरान बरती गई कथित लापरवाही के कारण ही एक फिट और इंटरनेशनल लेवलके एथलीट की जान चली गई।
भाई रब्बी का बड़ा बयान और सबूतों का दावा
वरिंदर घुम्मन के भाई रब्बी ने इस कानूनी कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि परिवार को शुरू से ही अंदेशा था कि अस्पताल में कुछ गलत हुआ है। अक्सर बॉडी बिल्डर्स की मौत को हार्ट अटैक का नाम देकर दबा दिया जाता है, लेकिन वरिंदर पूरी तरह फिट थे और दुनिया को फिटनेस सिखा रहे थे।
रब्बी के मुताबिक जो व्यक्ति इतना भारी वजन उठा सकता था, उसकी अचानक मौत सामान्य नहीं हो सकती। परिवार का दावा है कि उनके पास अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही से जुड़े कई पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें जांच के दौरान पेश किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में पुलिस जांच के दौरान मामले में और भी सख्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
सर्जरी के दौरान लापरवाही ने छीन ली फिट एथलीट की जान
दर्ज की गई FIR के अनुसार, वरिंदर घुम्मन की मौत ऑपरेशन थिएटर के भीतर डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से हुई। परिवार ने मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज को डॉक्टरों की ऐसी चूक का शिकार न होना पड़े। रब्बी का कहना है कि न्याय मिलने में देरी जरूर हुई है, लेकिन अब सच की जीत होती दिख रही है।