भारत इंफो : चर्चित इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिन्द्र घुम्मन की मौत के मामले में अमृतसर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के प्रबंधन और डॉक्टरों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने अस्पताल के चार वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
यह मामला 9 अक्टूबर 2025 को हुई उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से जुड़ा है, जब अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में एक सर्जरी के दौरान वरिन्द्र घुम्मन की मृत्यु हो गई थी।
घटना के तुरंत बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भारी कोताही और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
SIT रिपोर्ट में डॉक्टरों की भूमिका पर उठे सवाल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला अमृतसर प्रशासन द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
एसआईटी ने अपनी गहन जांच के बाद पिछले महीने रिपोर्ट सौंपी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि वरिन्द्र घुम्मन की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों द्वारा बरती गई गंभीर लापरवाही का परिणाम थी।
इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही का मामला दर्ज किया है। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि मेडिकल प्रोटोकॉल का सही ढंग से पालन नहीं किया गया, जो एक बहुमूल्य जीवन के जाने का कारण बना।
इन 4 विशेषज्ञ डॉक्टरों पर गिरी कानूनी गाज
अमृतसर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के चार प्रमुख डॉक्टरों के नाम शामिल किए गए हैं।
इनमें आर्थोपैडिक सर्जन डॉक्टर तपिश शुक्ला, एनेस्थीसिया विभाग की कंसल्टेंट डॉक्टर अलका तिवाड़ी, एनेस्थीसिया विभाग की हेड डॉक्टर राजेन्द्र कौर और कार्डियोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉक्टर अरुण कुमार चोपड़ा का नाम मुख्य रूप से दर्ज है।