भारत इंफो : कहते हैं कि इंसान चाहे सफलता के किसी भी शिखर पर पहुंच जाए, अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलता। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है DIPS के दो पूर्व छात्रों, कज़नप्रीत और सत्यम ने। अपनी शिक्षा, संस्कार और सफलता की बुनियाद रखने वाले अपने प्रिय विद्यालय ‘डिप्स’ के परिसर से ही ये दोनों 22 फ़रवरी को अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं।
सफलता के शिखर पर ‘डिप्सियन’ का परचम
डिप्स की पूर्व छात्रा कज़नप्रीत कौर, जो स्कूल के समय में हेड गर्ल और मेधावी छात्रा रही हैं, वर्तमान में कनाडा में ‘जोखिम एवं विश्लेषण प्रबंधक’ (Risk & Analytics Manager) के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, उनके मंगेतर और सह-छात्र सत्यम कनाडा की एक प्रतिष्ठित कंपनी में ‘विनिर्माण पर्यवेक्षक’ (Manufacturing Supervisor) के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। दोनों ने अपनी सगाई के विशेष पलों को यादगार बनाने के लिए किसी महंगे रिसॉर्ट के बजाय उस विद्यालय को चुना, जिसने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।
पुरानी यादें और शिक्षकों के प्रति आभार
परिसर में पहुँचकर कज़नप्रीत और सत्यम ने पुरानी यादें ताज़ा कीं और अपनी सफलता का पूरा श्रेय डिप्स के समर्पित शिक्षकों और यहाँ के अनुशासन को दिया। कज़नप्रीत के भाई सम्रथ भी इसी स्कूल के छात्र रहे हैं और आज न्यूयॉर्क (अमेरिका) में ‘मात्रात्मक अनुसंधान’ (Quantitative Research) के क्षेत्र में बड़े पद पर कार्यरत हैं, जो डिप्स की वैश्विक पहचान को दर्शाता है।
प्रबंधन और शिक्षकों ने दिया आशीर्वाद
इस भावुक अवसर पर डिप्स के प्रबंध निदेशक सरदार तरविंदर सिंह, सीएओ रमणीक सिंह, सीएओ जश्न सिंह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोनिका मंडोतरा ने जोड़े को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे विद्यार्थी अपनी खुशियों में स्कूल को शामिल कर रहे हैं। प्रबंधन ने कज़नप्रीत और सत्यम की इस सोच को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणा बताया।
संस्कारों की पाठशाला है ‘डिप्स’
डिप्स केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है जो छात्रों को वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के काबिल बनाता है। कज़नप्रीत और सत्यम की यह पहल यह सिद्ध करती है कि यहाँ केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन भर साथ निभाने वाले संस्कार भी दिए जाते हैं। पूरा डिप्स परिवार इस जोड़े के सुखद भविष्य की कामना करता है।