भारत इन्फो : डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में 16 जनवरी 2026 को 21वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन से संस्थान का यह समारोह गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक बन गया।
राज्यपाल का प्रेरणादायक संबोधन
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल ने पदक विजेताओं और सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने फैकल्टी, स्टाफ और प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने नवाचार, स्टार्टअप, शोध और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में एनआईटी जालंधर के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर, नैतिक मूल्यों से युक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार पेशेवर बनने का आह्वान किया।
पंजाब के विकास में तकनीकी संस्थानों की भूमिका
राज्यपाल ने पंजाब की औद्योगिक, कृषि और सीमावर्ती राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनआईटी जालंधर को तकनीक आधारित समाधान, नीति सहयोग, नवाचार और सीमावर्ती क्षेत्रों में संस्थानों के मार्गदर्शन के माध्यम से क्षेत्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स चेयरपर्सन का संदेश
एनआईटी जालंधर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन प्रो. जे. एस. यादव ने स्नातकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत का ‘विकसित भारत’ का सफर आत्मनिर्भरता, नवाचार और समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत शिक्षा और नवाचार की भूमिका को रेखांकित किया।
संस्थान के लिए मील का पत्थर
संस्थान के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने डायरेक्टर की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि 21वां दीक्षांत समारोह एनआईटी जालंधर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने बताया कि संस्थान NEP 2020 और विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
1454 छात्रों को प्रदान की गई डिग्रियां
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 1,454 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें—
- 1,011 बी.टेक
- 237 एम.टेक
- 90 एम.एससी
- 23 एमबीए
- 92 पीएचडी शामिल हैं।
बी.टेक टॉपर को गोल्ड मेडल
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की मेहर कौर को 9.54 CGPA के साथ ओवरऑल बी.टेक टॉपर घोषित किया गया और उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
विभागवार पदक विजेता छात्र
बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी और एमबीए सहित विभिन्न कार्यक्रमों में कुल 31 मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए। यह सम्मान उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक रहा।
शिक्षा और भविष्य नेतृत्व का उत्सव
एनआईटी जालंधर का 21वां दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत प्रगति और विद्यार्थियों के जिम्मेदार पेशेवर, नवप्रवर्तक और भविष्य के राष्ट्रनिर्माता बनने की दिशा में एक प्रेरणादायक उत्सव के रूप में संपन्न हुआ।