भारत इंफो : पंजाब के प्रसिद्ध सिंगर और रैपर यो-यो हनी सिंह एक बार फिर कानूनी और सामाजिक विवादों के केंद्र में हैं। दिल्ली में आयोजित एक हालिया कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने मंच से सरेआम अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना की है। मामले की गंभीरता और बढ़ते विरोध को देखते हुए हनी सिंह ने अब इस पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया है।
सिंगर जसबीर जस्सी ने जताई कड़ी आपत्ति, परिवार से हस्तक्षेप की अपील की
हनी सिंह के इस व्यवहार पर मशहूर पंजाबी गायक जसबीर जस्सी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। जस्सी ने एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हनी सिंह ने शालीनता की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इस तरह का आचरण युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जस्सी ने हनी सिंह के माता-पिता और उनकी बहन से अपील की है कि वे इसमें हस्तक्षेप करें, क्योंकि परिवार के समझाने से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
‘इंसान गलतियों का पुतला है’: विवाद बढ़ने पर हनी सिंह ने दी सफाई
चौतरफा आलोचना झेलने के बाद हनी सिंह ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा कर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि वह उस शो में केवल एक अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे और वहां मौजूद ‘जेन-जी’ (Gen-Z) दर्शकों के साथ उन्हीं के अंदाज में जुड़ना चाहते थे।
हनी सिंह ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रचलित भाषा का उपयोग करने से युवा उन्हें बेहतर समझ पाएंगे। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पसंद गलत थी और इससे कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भविष्य में सतर्क रहने का आश्वासन देते हुए माफी मांगी है।
अश्लीलता और मानसिक स्वास्थ्य के कारण चर्चा में रहे गायक
यो-यो हनी सिंह का करियर पहले भी कई बार विवादों की भेंट चढ़ चुका है। उनके गानों में महिलाओं के चित्रण और द्विअर्थी शब्दों के इस्तेमाल पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि वह 2014 से 2018 तक संगीत की दुनिया से पूरी तरह गायब रहे थे, जिसका कारण उन्होंने बाद में डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी मानसिक समस्याओं को बताया था। हाल ही में जालंधर के एक भाजपा नेता ने भी उनके पुराने गीतों में अश्लील दृश्यों को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) को शिकायत सौंपी थी, जिससे उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।