भारत इंफो : पंजाब सरकार साल के आखिरी दिन भी एक्शन मोड में नजर आई। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में सामने आए 52.80 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में ट्रस्ट के 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंशन के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
सरकारी आदेशों के अनुसार सस्पेंड किए गए अधिकारियों में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर संतभूषण सचदेवा, एक्सईन रमिंदरपाल सिंह, एसएक्सईन बिक्रम सिंह, एसडीओ सुखरिपन पाल सिंह, एसडीओ शुभम सिंह, जेई मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह शामिल हैं। सभी पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत सीगल इंडिया लिमिटेड कंपनी की शिकायत से हुई थी, जो कंपनी ने सीधे चीफ सेक्रेटरी को सौंपी थी। शिकायत मिलने के बाद डिप्टी कमिश्नर ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच सौंपी। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे चीफ सेक्रेटरी को भेजा गया, जिसके आधार पर लोकल बॉडीज विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया। हालांकि, जारी आदेशों में निलंबन के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
क्या है 52.80 करोड़ का टेंडर विवाद
मामला रणजीत एवेन्यू ब्लॉक-सी और 97 एकड़ स्कीम के विकास कार्यों से जुड़े टेंडर का है। 18 दिसंबर को 52.40 करोड़ रुपये के इस टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोली गई थी। इसमें शर्मा कांट्रैक्टर ने 1.08 प्रतिशत लेस देकर एच-1 बिडर का दर्जा हासिल किया, जबकि राजिंदर इंफ्रास्ट्रक्चर ने 0.25 प्रतिशत लेस बोली लगाई, जिससे वह टेंडर हासिल नहीं कर पाई। वहीं, सीगल इंडिया और गणेश कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दस्तावेज पूरे न होने और तकनीकी खामियों का हवाला देकर फाइनेंशियल बिड से पहले ही बाहर कर दिया गया था। इसी प्रक्रिया को लेकर घोटाले के आरोप सामने आए।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकारी विभागों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ साल के आखिरी दिन भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।