भारत इंफो : पंजाब और राजधानी चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आज सुबह चंडीगढ़ सहित आसपास के इलाकों में कोहरा इतना अधिक था कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और ड्राइवरों को दिन में भी हेडलाइट्स का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, कुछ जिलों जैसे लुधियाना और अमृतसर में सुबह के समय धूप खिलने से लोगों को मामूली राहत मिली, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी ने आने वाले दिनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अगले 6 दिनों तक भीषण सर्दी और कोहरे का सितम जारी रहेगा।
29 दिसंबर तक ऑरेंज और यलो अलर्ट का साया
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पंजाब में 26 दिसंबर तक घने कोहरे को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि इसके बाद 29 दिसंबर तक ‘यलो अलर्ट’ प्रभावी रहेगा। इस पूरी अवधि के दौरान सूखी ठंड पड़ने की संभावना है और बारिश के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि रात और सुबह के समय कोहरा काफी गहरा हो सकता है, जिससे न केवल विजिबिलिटी कम होगी बल्कि यातायात पर भी बुरा असर पड़ेगा। मैदानी इलाकों में बारिश न होने की वजह से वायु गुणवत्ता में भी गिरावट देखी जा रही है।
विजिबिलिटी का स्तर और तापमान का हाल
मंगलवार को पंजाब के कई शहरों में दृश्यता यानी विजिबिलिटी का स्तर चिंताजनक रहा। अमृतसर में विजिबिलिटी शून्य तक गिर गई, जबकि फरीदकोट में यह मात्र 10 मीटर दर्ज की गई। इसी तरह पटियाला, लुधियाना और गुरदासपुर जैसे शहरों में भी 50 मीटर से ज्यादा देख पाना मुश्किल था। तापमान की बात करें तो गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो राज्य के सबसे ठंडे इलाकों में रहा। वहीं, आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धुंध की वजह से वाहन चालकों को रेंगकर चलने पर मजबूर होना पड़ा है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और ठंडी हवाओं का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अब जम्मू-कश्मीर की ओर निकल चुके हैं, जिसके कारण इस साल क्रिसमस पर बर्फबारी की संभावना काफी कम है। अब पहाड़ों की ओर से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों की तरफ रुख करेंगी, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी। इसके अलावा, 27 दिसंबर से एक नया और कम तीव्रता वाला पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। इससे मैदानी इलाकों के मौसम में मामूली बदलाव आ सकता है, लेकिन कोहरे से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है।
जिलावार कोहरे की स्थिति और चेतावनी
आने वाले समय में कोहरे का प्रभाव अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रहने वाला है। अमृतसर, तरनतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला जैसे जिलों में ‘बेहद घना कोहरा’ छाने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, रूपनगर और मोहाली में हल्के से मध्यम कोहरे का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, जिससे सूखी ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।