भारत इंफो : वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। आने वाले एक साल के भीतर आपको टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। केंद्र सरकार टोल कलेक्शन की एक ऐसी हाई-टेक व्यवस्था लाने जा रही है, जिससे टोल नाकों पर जाम की समस्या इतिहास बन जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में इस नई प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
एक साल में बदल जाएगी पूरी तस्वीर
नितिन गडकरी ने शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में बताया कि सरकार अगले एक साल में देश में टोल वसूली की मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत ‘इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन’ (Electronic Toll Collection) प्रणाली लागू की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि टोल चुकाने के लिए अब गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गडकरी ने बताया कि यह नई प्रणाली पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 स्थानों पर शुरू कर दी गई है और अगले एक साल में इसका विस्तार पूरे देश में कर दिया जाएगा।
4,500 राजमार्ग परियोजनाओं पर काम जारी
सदन में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल देश भर में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 4,500 राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। नई टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ‘नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया’ (NPCI) ने ‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह’ (NETC) कार्यक्रम विकसित किया है। यह एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है जो फास्ट और सुगम टोल भुगतान सुनिश्चित करेगा।
हाइड्रोजन कार और प्रदूषण पर भी की बात
लोकसभा में दिल्ली के प्रदूषण पर चिंता जताते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने भविष्य के ईंधन के रूप में ‘हाइड्रोजन’ का जिक्र किया। उन्होंने अपनी नई कार का उदाहरण देते हुए कहा, “मेरे पास टोयोटा की ‘मिराई’ कार है, जो हाइड्रोजन ईंधन से चलती है। जापानी भाषा में मिराई का अर्थ ‘भविष्य’ होता है।” उन्होंने बताया कि यह कार मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियो के समान ही आरामदायक है।
फास्टैग न होने पर मिली बड़ी राहत
सरकार ने हाल ही में बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए भी नियमों में ढील दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, जो 15 नवंबर से लागू हो चुका है, अब अगर किसी वाहन में फास्टैग नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो उसे दोगुना टोल टैक्स नहीं देना होगा।
क्या है नया नियम?
पहले के नियम के मुताबिक, फास्टैग न होने पर नकद में दोगुना (2X) टोल भरना पड़ता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत, अगर आप UPI के माध्यम से भुगतान करते हैं, तो आपको केवल 1.25 गुना टोल टैक्स ही देना होगा। यह फैसला उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत है जो किसी कारणवश फास्टैग का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे।