भारत इंफो, जालंधर
देशभर में आज रविवार, 8 नवंबर को दीपों का पर्व दिवाली श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस बार 7 और 8 नवंबर को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच पंचांग के अनुसार मुख्य दिवाली 8 नवंबर को मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
जालंधर में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:56 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि लगभग 1 घंटा 54 मिनट है। वहीं प्रदोष काल शाम 5:34 बजे से रात 8:13 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस अवसर पर घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं तथा मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है।
दिवाली का धार्मिक महत्व
दिवाली को अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे और उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाए थे। इस दिन लोग घरों की सफाई और सजावट करते हैं, रंगोली बनाते हैं, दीपक जलाते हैं तथा परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं। व्यापारी वर्ग नए बही-खातों की पूजा कर नए कारोबारी वर्ष की शुरुआत भी करता है। धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।