मानसा कोर्ट के आदेश पर हुई रिहाई
भारत इंफो, मानसा/नाभा
पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेता लक्खा सिंह सिधाना और मोहनजीत सिंह शेरों को वीरवार शाम नाभा जेल से रिहा कर दिया गया। दोनों करीब 12 दिनों से न्यायिक हिरासत में थे।
मानसा की अदालत ने दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई के आदेश जारी किए थे। अदालत ने नाभा जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि यदि दोनों किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। शाम करीब 6 बजे जेल से बाहर आने पर सैकड़ों समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
यह रिहाई पंजाब सरकार और झोटा इंसाफ कमेटी के बीच करीब पांच घंटे चली बैठक के बाद हुए समझौते का हिस्सा है। बैठक में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी शामिल हुए थे।
गौरतलब है कि झोटा की मौत के बाद मानसा में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान दलजीत सिंह के शव को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने लक्खा सिधाना और मोहनजीत शेरों को गिरफ्तार किया था। रिहाई के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि हिरासत में रहने के दौरान मोर्चे और झोटा के परिवार के साथ सरकार के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। वे सीधे मोर्चे पर पहुंचेंगे।
उधर, झोटा के परिवार ने 6 नवंबर को चंडीगढ़ पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति जताई है। सरकार ने परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भरोसा भी दिया है।