भारत इंफो : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच दोबारा गठबंधन होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, दीवाली के बाद दोनों दल गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। फिलहाल दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भाजपा पंजाब में 45 से 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकती है।
अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चाएं तेज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दिल्ली और चंडीगढ़ में NDA सरकार बनने को लेकर दिए गए बयान के बाद पंजाब में अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन की अटकलों को और बल मिला है। राजनीतिक हलकों में इसे दोनों दलों के संभावित गठजोड़ से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक दोनों पार्टियों की ओर से गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
सीटों के बंटवारे पर चल रही बातचीत
भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच गठबंधन की शर्तों और सीटों के बंटवारे पर चर्चा जारी है। भाजपा 45 से 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। हालांकि, सीटों की अंतिम संख्या और दोनों पार्टियों के बीच सहमति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गठबंधन के ऐलान के लिए बठिंडा में रैली की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन को अंतिम रूप दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के बठिंडा का दौरा कर सकते हैं। यहां एक बड़ी रैली के दौरान गठबंधन का ऐलान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री के संभावित दौरे और रैली की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है।
2027 चुनाव से पहले पंजाब में बदलेगा सियासी समीकरण
अगर अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन होता है, तो पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दोनों दल पहले भी गठबंधन के तहत चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए थे। अब संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। फिलहाल सबकी नजरें दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर होने वाली बातचीत और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।