loader-image
Jalandhar, IN
temperature icon 30°C
Breaking News

संगरूर में कल कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’, खड़गे और राहुल गांधी करेंगे शिरकत; पंजाब चुनाव का बजाया जाएगा बिगुल

 

2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, भगवंत मान सरकार को घेरने की तैयारी

एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य

 

भारत इंफो, संगरूर

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस 4 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में ‘इंसाफ रैली’ आयोजित करने जा रही है। रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विशेष रूप से शामिल होंगे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) की ओर से इस रैली को पंजाब के अधिकारों, किसानों, युवाओं और आम लोगों के मुद्दों को उठाने के बड़े मंच के रूप में पेश किया जा रहा है। पार्टी ने रैली में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है।

नशा, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था होंगे प्रमुख मुद्दे

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के अनुसार रैली में नशे की समस्या, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, धान खरीद, बेअदबी के मामलों और पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि आम आदमी पार्टी सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।

चुनाव से पहले एकजुटता दिखाने की चुनौती

रैली से पहले दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर संगठन और 2027 के चुनावों की रणनीति पर चर्चा की। इसमें परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला सहित कई नेता शामिल हुए। बैठक में संगठन की मजबूती और सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ने पर जोर दिया गया।

रैली को परगट सिंह के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पंजाब में पार्टी का पहला बड़ा राज्यस्तरीय शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। कांग्रेस इसे 2027 के विधानसभा चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देख रही है।

रैली का राजनीतिक महत्व यह है कि संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह क्षेत्र है। ऐसे में कांग्रेस का यहां राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बड़ी रैली करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि रैली में जुटने वाली वास्तविक भीड़ और उसका राजनीतिक प्रभाव कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *