loader-image
Jalandhar, IN
temperature icon 21°C
Breaking News

महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ी कार्रवाई: मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, CBI ने कराया प्रत्यर्पण

6,000 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का मामला

2 नवंबर को रायपुर की विशेष अदालत में किया जाएगा पेश

 

भारत इंफो, नई दिल्ली

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)  ने प्रमुख आरोपी और महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का ओमान से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण करा लिया है। CBI की विशेष टीम उसे अपने साथ भारत लेकर पहुंची है। अब उसे छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में 2 नवंबर को पेश किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्टों और CBI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, चंद्राकर दो CBI मामलों में वांछित था, जिनमें आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है।

रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में पकड़ा गया

चंद्राकर को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने तलाश कर हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI और ED ने भारत सरकार तथा इंटरपोल के सहयोग से ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और उसे भारत लेकर आई।

देश के बड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल होने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था। इस नेटवर्क के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं का नेटवर्क बनाया गया था, जिसके जरिए लोगों को जोड़ा जाता था और उनसे सट्टे की रकम वसूली जाती थी। CBI की जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से अर्जित रकम को बड़ी संख्या में फर्जी या दूसरे लोगों के नाम पर खोले गए बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था और बाद में हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि देने में इस्तेमाल किया गया, ताकि सट्टेबाजी का नेटवर्क बिना किसी बाधा के चलता रहे।

कई संपत्तियां कुर्क, कई कानूनों के तहत मामले दर्ज

इस मामले में CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किए हैं। वहीं ED ने भी भारत और विदेशों में इस सिंडिकेट से जुड़ी कई संपत्तियां कुर्क की हैं। सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को विदेश से संचालित कथित आर्थिक अपराधों के खिलाफ जांच एजेंसियों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब रायपुर की विशेष अदालत में पेशी के बाद मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *