भारत इंफो, नई दिल्ली
वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर रविवार को दिल्ली में भाजपा और विभिन्न सिख संगठनों ने अलग-अलग विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 1984 में हुए सिख नरसंहार के पीड़ितों और उनके परिवारों से माफी मांगने की मांग की।
पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर बस डिपो से शुरू हुए विरोध मार्च में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने, सिख समुदाय का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए। प्रदर्शन का उद्देश्य 1984 की हिंसा के पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करना और उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाना था।
भाजपा की ओर से भी दिल्ली में समानांतर पदयात्रा आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत सहित कई राजनीतिक नेता मौजूद रहे।
भाजपा नेताओं और प्रदर्शन में शामिल सिख संगठनों ने कहा कि 1984 की हिंसा में हजारों निर्दोष सिखों की जान गई थी। पीड़ित परिवार आज भी न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से इस घटना के लिए माफी मांगने की मांग दोहराई।
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ व्यापक हिंसा हुई थी। नवंबर 1984 की इस हिंसा में हजारों लोगों की जान चली गई थी और बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा था।