पहली सूची में CM भगवंत मान, विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां समेत कैबिनेट मंत्री भी शामिल
पार्टी में शामिल नए चेहरों और हलका इंचार्जों को अभी करना पड़ेगा इंतजार
मनुपाल शर्मा, जालंधर
तमाम अटकलों और कयासों को दरकिनार करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) की तरफ से विधानसभा चुनाव 2022 के लिए जारी की गई उम्मीदवारों की पहली सूची में ही 40 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दे दी गई है। आप ही कमांड की तरफ से जारी की गई सूची में CM भगवंत मान, विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां समेत कई पूर्व एवं मौजूदा कैबिनेट मंत्री भी शामिल किए गए हैं। हालांकि पिछले कई महीनो से इसी बात पर चर्चा चल रही थी कि आप आयुष्मान की तरफ से वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कई मौजूदा विधायकों की टिकट काट दी जाएगी और नए चेहरे सामने लाए जा सकते हैं। आधार यह बनाया जा रहा था कि जिन विधायकों अथवा मंत्रियों के ऊपर आरोप लगे हैं उन्हें तो हरगिज भी दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा, लेकिन जब शनिवार को सूची जारी हुई तो हाईकमान की कूटनीति सामने आ गई है। पहली सूची में किसी नए चेहरे को विधानसभा टिकट नहीं दिया गया है।
उम्मीदवारों की सूची का सीटवार मिलान करने पर स्पष्ट होता है कि घोषित किए गए सभी 40 उम्मीदवार वर्तमान विधानसभा के विधायक हैं। इनमें कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जो 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए उपचुनावों में विधायक बने थे। इस लिहाज से पार्टी ने पहली सूची में प्रयोग करने के बजाय अपने मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया है।
सूची के राजनीतिक मायने यह निकल जा सकते हैं कि हाईकमान ने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, कुलतार सिंह संधवां, कुलदीप सिंह धालीवाल, डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, बलकार सिंह, ब्रह्म शंकर जिम्पा, अमन शेर सिंह शेरी कलसी, मनविंदर सिंह ग्यासपुरा और अन्य विधायकों को दोबारा उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने फिलहाल अपने मौजूदा विधायकों के पक्ष में फैसला लिया है।
पार्टी की तरफ से गुप्त तौर पर कई चरण में फील्ड में सर्वे भी करवाए गए थे और प्रतीत यही हो रहा है कि इसी सर्वे को टिकट वितरण का आधार भी बनाया गया है। भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि टिकट का फैसला विधायकों के कामकाज और जनता के फीडबैक के आधार पर होगा। पार्टी नेतृत्व ने आंतरिक सर्वे और मतदाताओं की राय को चयन प्रक्रिया में महत्व दिया है। हालांकि पार्टी में शामिल नए चेहरों और हलका इंचार्जों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।
पिछले कुछ महीनों से पंजाब में AAP कई विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज नियुक्त कर रही थी। इनमें दूसरी पार्टियों से आए नेता भी शामिल हैं। इसे कई मौजूदा विधायकों के विकल्प तैयार करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन पहली सूची में पार्टी ने इन अटकलों से अलग सभी 40 सीटों पर मौजूदा विधायकों को ही उम्मीदवार बनाया है। हालांकि शेष 77 सीटों पर टिकट वितरण में क्या बदलाव होंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
AAP ने चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों की घोषणा करके अपने नेताओं को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में काम करने का समय दिया है। इससे पार्टी के भीतर टिकट को लेकर बनी अनिश्चितता इन 40 क्षेत्रों में कम होगी। दूसरी तरफ शेष सीटों पर दावेदारों की गतिविधियां और टिकट वितरण को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी रह सकती है।
आगे की राजनीति के लिए तीन महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या AAP शेष 77 सीटों पर भी मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता देगी या बड़े पैमाने पर नए चेहरों को मौका मिलेगा? क्या नए हलका इंचार्जों को उन सीटों पर टिकट मिलेगा, जहां फिलहाल विपक्षी दलों के विधायक हैं? क्या पार्टी के सर्वे में कमजोर माने जा रहे विधायकों को अगली सूची में बाहर किया जाएगा?
आम आदमी पार्टी की पहली सूची का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह है कि उसने शुरुआत में किसी मौजूदा विधायक का टिकट नहीं काटा है। 40 में 40 विधायकों को दोबारा उम्मीदवार बनाना पार्टी की मौजूदा विधायकों के प्रति शुरुआती रणनीति को दर्शाता है। अब असली राजनीतिक तस्वीर शेष 77 सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सामने आएगी।