भारत इंफो : जालंधर नगर निगम कार्यालय के बाहर सफाई यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। यूनियन प्रधान बंटू सभरवाल की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन में भारी संख्या में आउटसोर्स और सीवरेज कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
कंपनी का एग्रीमेंट खत्म और वेतन अटका
यूनियन प्रधान बंटू सभरवाल ने बताया कि सीवरेज मैन के आउटसोर्स कर्मियों का ग्रेटर कंपनी के साथ किया गया करार 14 अगस्त को समाप्त हो चुका है। समझौते का नवीनीकरण न होने के कारण कर्मचारियों को जुलाई माह से वेतन नहीं मिला है। महज 10 हजार रुपये के मासिक वेतन पर काम करने वाले इन कर्मचारियों का जीवन मुश्किल हो गया है।
शहर की सफाई न करने की दी चेतावनी
उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में मेयर विनीत धीर और निगम अधिकारियों को पहले भी सूचित किया गया था, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अगर जल्द ही एग्रीमेंट रिन्यू कर तीन महीने का वेतन जारी नहीं किया गया, तो शहर में कूड़ा उठाव, सफाई और सीवरेज का काम पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
निगम कमिश्नर ने मांग को बताया जायज
प्रदर्शन के बीच नगर निगम कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांग पूरी तरह जायज है, क्योंकि वेतन हर कर्मचारी की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से बात कर जुलाई माह से अटके वेतन को तुरंत जारी करने के निर्देश दे दिए हैं।आउटसोर्स कर्मचारियों के एग्रीमेंट और अन्य सभी प्रशासनिक मसलों पर कर्मचारियों के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी और उनकी सभी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाएगा।