भारत इंफो : जालंधर स्थित ‘पिरामिड ओवरसीज इंस्टीट्यूट’ के बाहर उस समय भारी हंगामा और तनाव फैल गया, जब वीजा के नाम पर ठगी के शिकार हुए दर्जनों पीड़ित अपने डूबे हुए पैसे वापस मांगने पहुंच गए। दफ्तर से मालिक के गायब होने पर भड़के लोगों ने कंपनी के HR को मौके पर ही धर दबोचा। पीड़ितों का आरोप है कि विदेश भेजने और पढ़ाई के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए और अब उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
फर्जी कॉलेज का झांसा और करोड़ों का गबन
प्रदर्शन में शामिल पीड़िता सुखविंदर कौर ने दर्द बयां करते हुए बताया कि एजेंसी ने उनकी बेटी को कनाडा के एक फर्जी कॉलेज में दाखिला दिलवा दिया, जिससे सालों पढ़ाई के बाद भी उसे न तो वर्क परमिट मिला और न ही क्रेडिट। वहीं नवनीत कुमार नाम के युवक ने बताया कि उसने ऑस्ट्रेलिया के वीजा के लिए 65 लाख रुपये दिए थे, लेकिन आठ महीने इंतजार कराने के बाद वीजा होल्ड पर डाल दिया गया और पिछले दो सालों से उसे सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। एक अन्य पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी 4 कनाल जमीन बेचकर 6 लाख रुपये दिए थे, लेकिन न वीजा मिला और न ही पैसे वापस हुए।
दुबई की जगह ओमान भेजी गई बेटी की संदिग्ध मौत
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त बेहद गमगीन हो गया जब एक बेबस मां बिलख-बिलख कर रोने लगी। मां का आरोप है कि एजेंसी ने उसकी 22 साल की बेटी को धोखाधड़ी से शारजाह की जगह ओमान भेज दिया था, जहां चार महीने पहले उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि आरोपियों को बचाने के लिए साठगांठ की जा रही है। जब पीड़ित अपनी बात रखने दफ्तर पहुंचे, तो वरिष्ठ अधिकारी मुलाकात करने के बजाय वहां से भागने लगे।
सिख जत्थेबंदियों का गुस्सा और पुलिस प्रशासन से तीखी बहस
मौके पर पहुंची सिख जत्थेबंदियों ने चेतावनी दी कि किसी भी हाल में गरीब लोगों के पैसे डूबने नहीं दिए जाएंगे और हर हाल में पाई-पाई का हिसाब वसूला जाएगा। उग्र भीड़ ने मौके पर पुलिस कार्रवाई में ढील का आरोप लगाते हुए पुलिस की गाड़ी का घेराव भी किया। हालांकि, स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने इंस्टीट्यूट के HR को हिरासत में ले लिया है और पीड़ितों से शिकायत पत्र व दस्तावेज जमा करवाकर निष्पक्ष कानूनी जांच का आश्वासन दिया है।