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जालंधर में 10 दिनों में दूसरी बार ED के सामने पेश हुईं IAS कंवलप्रीत बराड़, मोहाली प्रोजेक्ट से जुड़ा है मामला

भारत इंफो : पंजाब कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ 10 दिनों के भीतर दूसरी बार जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर में पेश हुईं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह सीधे ED दफ्तर पहुंचीं और बिना किसी मीडियाकर्मी या बाहरी व्यक्ति से बात किए अंदर चली गईं। दफ्तर में प्रवेश करने के बाद उन्होंने अपनी हाजिरी के रूप में रजिस्टर में हस्ताक्षर किए। इससे पहले 18 अगस्त को ED ने समन जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे करीब साढ़े 8 घंटे तक गहन पूछताछ की थी। पहली पूछताछ के बाद ED ने मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए उन्हें दोबारा तलब किया है।

CLU मंजूरी और मोहाली के विवादित प्रोजेक्ट में अनियमितताओं की जांच
ED की यह पूरी कार्रवाई मोहाली स्थित एक बहुचर्चित टाउनशिप प्रोजेक्ट में हुई वित्तीय धांधली और अनियमितताओं से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रोजेक्ट को कानूनी रूप देने के लिए जमीन के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की मंजूरी देने की प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी और गड़बड़ियां की गईं। आईएएस कंवलप्रीत बराड़ की इस प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रशासनिक भूमिका को लेकर ही ED उनसे सवाल-जवाब कर रही है। पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई शुरुआती FIR को आधार बनाकर ED इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आपराधिक जांच आगे बढ़ा रही है।

किसानों के जाली दस्तखत और 30.5 एकड़ जमीन के फर्जी कागजात का मामला
इस पूरे घोटाले की शुरुआत साल 2020 में हुई, जब मोहाली के पल्हेरी गांव निवासी जमीन मालिक करमजीत सिंह ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए थे कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने उनकी 53 कनाल जमीन के साथ-साथ 14 अन्य किसानों की कुल 30.5 एकड़ जमीन के फर्जी सहमति पत्र (कंसेंट लेटर) तैयार कर लिए। इन सरकारी दस्तावेजों पर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहाली के तत्कालीन SP (इन्वेस्टिगेशन) हरमनदीप हंस ने विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें जालसाजी और आपराधिक साजिश की पुष्टि हुई थी।

पुलिस FIR के बाद ED का छापा, मुख्य प्रमोटर अजय सहगल पहले से गिरफ्तार
जांच रिपोर्ट के आधार पर नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस की इसी FIR को आधार बनाकर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और अपनी कार्रवाई तेज कर दी। मामले की परतें खोलने के लिए ED पहले भी मोहाली और चंडीगढ़ स्थित 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर चुकी है। इस जांच के तहत ED ने सनटेक सिटी के मुख्य प्रमोटर अजय सहगल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा ABS टाउनशिप और Eltus Space Builders से जुड़े कई उच्च अधिकारियों और निदेशकों से भी पूछताछ की जा चुकी है, जिसके बाद अब प्रशासनिक अफसरों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

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