भारत इंफो : पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब सात महीने पहले कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह पार्टी को सही दिशा में नहीं ले जा रहे हैं और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। घुबाया का दावा है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और लोग वड़िंग के कामकाज से नाराज हैं।
टिकट वितरण को लेकर जताई नाराजगी
शेर सिंह घुबाया ने कहा कि राजा वड़िंग द्वारा नए चेहरों को टिकट देने की बात कहे जाने से पार्टी के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति से बड़ी होती है और नेतृत्व को सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। घुबाया ने आरोप लगाया कि वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ अपेक्षित आक्रामक रुख नहीं अपनाया।
कुलदीप वैद ने घुबाया के बयान को बताया अनुशासनहीनता
घुबाया के बयान पर कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह वैद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस्तीफा देना चाहिए तो वह शेर सिंह घुबाया हैं। वैद के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की मांग करना पार्टी अनुशासन के खिलाफ है और ऐसे बयान संगठन को कमजोर करते हैं।
दिल्ली में हुई अहम बैठक, हाईकमान तक पहुंचा विवाद
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को लेकर बुधवार को दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि यह बैठक पार्टी में चल रहे मतभेदों को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
राजा वड़िंग बोले- इस्तीफा देने को तैयार हूं
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान राजा वड़िंग ने कहा कि अगर हाईकमान उचित समझे तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस मुद्दे पर सभी नेताओं को एक साथ पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पंजाब कांग्रेस के भविष्य और राज्य की जनता की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है।