भारत इंफो : बरनाला में सफाई कर्मचारियों और खन्ना में मनरेगा वर्करों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सोमवार को जालंधर के डीसी दफ्तर के बाहर विशाल प्रदर्शन किया। इस दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने अपना भारी रोष प्रकट करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का पुतला फूंका।
पुलिस का दुरुपयोग कर रही है सरकार: बसपा नेता
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बसपा के प्रदेश महासचिव बलविंदर कुमार एडवोकेट और जोन इंचार्ज तीरथ राजपुरा मेहरा ने कहा कि आप सरकार द्वारा पुलिस का दुरुपयोग करके आम जनता पर बड़े पैमाने पर अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर किया गया अंधाधुंध लाठीचार्ज आप सरकार की दमनकारी नीति का चरम है। इससे पहले पटियाला में बेरोजगार युवाओं, सुविधा केंद्र के कर्मचारियों और खन्ना में मनरेगा वर्करों को पुलिस ने बुरी तरह पीटा था। नेताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पुलिस के जोर से लोगों की आवाज दबाने की आप सरकार की नीति के खिलाफ हर तरफ भारी रोष है, जिसके चलते आज लोग बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरे हैं।
‘पंजाब संभालो’ मुहिम से जुड़ने की अपील
बलविंदर कुमार एडवोकेट और तीरथ राजपुरा मेहरा ने बताया कि बसपा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी के नेतृत्व में पूरे राज्य में ऐसे विरोध प्रदर्शन किए हैं। इस दौरान बसपा नेता गुरमेल चुंबर और इंजीनियर जसवंत राय ने कहा कि इस अत्याचार को खत्म करने के लिए आप सरकार को सत्ता से बेदखल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्य के लोगों से बसपा की ‘पंजाब संभालो’ मुहिम के साथ जुड़ने की अपील की, ताकि बसपा के माध्यम से सत्ता में एक बेहतर व्यवस्था स्थापित की जा सके और भविष्य में ऐसी हिंसक व दमनकारी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
प्रदर्शन में मौजूद रहे प्रमुख नेता
इस विरोध प्रदर्शन में बसपा के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें खुशी राम, जगदीश शेरपुरी, बलदेव खोजकीपुर, परमजीत मल्ल, सलविंदर कुमार, देव राज सुमन, जगदीश दिशा, बूटा सिंह पतारा, विजय यादव, पार्षद दविंदर गोगा, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन संदीप कौर, कृष्ण मनी, हरजिंदर बंगा, शादी लाल, बाबू मुनी लाल, कमल बादशाहपुर, प्रभजिंदर सिंह पत्तड़, बलविंदर रल्ह, मनोहर जस्सी, डॉ. भूपिंदर, अशोक सईपुर, हरमेश खुरला, करम चंद, सुशील विरदी, पम्मी रुड़का, परमजीत मन्नण, सुच्चा सिंह बिनपालके, जीती बिनपालके, शाम कटारिया, पाला जमशेर, निंदर कोट कलां, रोशन नकोदर, रमेश बांगड़, जगजीत जग्गा खैहरा, विजय मडास, अनीता पाल और मक्खन फलपोता मुख्य रूप से मौजूद थे।