भारत इंफो : पंजाब में 21 और 22 जुलाई को बिजली कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से राज्यभर में बिजली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इस दौरान यदि किसी क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर खराब होता है या बिजली सप्लाई में तकनीकी खराबी आती है, तो उसे ठीक करने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। साथ ही बिजली बिल जमा कराने और नए बिजली कनेक्शन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सरकार और पावरकॉम के खिलाफ खोला मोर्चा
कर्मचारी दल के डिवीजन प्रधान वीरेंद्र सिंह ने सामूहिक अवकाश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राज्य की विभिन्न बिजली यूनियनों और पेंशनर संगठनों के साझा मोर्चे ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन के खिलाफ 21 और 22 जुलाई को दो दिवसीय सामूहिक अवकाश का फैसला लिया है।
सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि हड़ताल के दौरान सरकारी बिजली दफ्तरों से लेकर पावर ग्रिड और सब-स्टेशनों तक का कामकाज प्रभावित हो सकता है। बिजली बिल जमा केंद्र, शिकायत निवारण सेवाएं, फॉल्ट रिपेयरिंग, ग्रिड संचालन और सब-स्टेशन से जुड़े कई कार्य प्रभावित रहने की आशंका है।
कई यूनियनों ने किया समर्थन
इस दो दिवसीय सामूहिक अवकाश आंदोलन को पंजाब की लगभग सभी प्रमुख बिजली यूनियनों का समर्थन प्राप्त है। इसमें पीएसईबी एम्प्लॉइज ज्वाइंट फोरम, बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब, एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स, ग्रिड सब-स्टेशन एम्प्लॉइज यूनियन, पावरकॉम एंड ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन, पेंशनर वेलफेयर फेडरेशन (पटियाला), मुलाजिम यूनाइटेड ऑर्गनाइजेशन समेत अन्य यूनियनें शामिल होंगी।