भारत इंफो : देशभर में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पिछले 10 दिनों के भीतर चौथी बार ईंधन के दामों में इजाफा किया गया है, जिसके तहत पेट्रोल की कीमतों में 2.60 रुपये और डीजल में 2.70 रुपये प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बेतहाशा महंगाई के विरोध में आज जालंधर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेसियों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर अपना रोष प्रकट किया।
कार्यकर्ताओं ने उल्टा थामा कांग्रेस का झंडा
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे उल्टे पकड़े हुए थे। जैसे ही वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने इस वाकये को अपने कैमरों में कैद करना शुरू किया, वैसे ही कार्यकर्ताओं को अपनी गलती का अहसास हुआ और आनन-फानन में उन्होंने झंडों को सीधा किया। इस चूक को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विधायक बावा हैनरी का केंद्र पर निशाना
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे स्थानीय कांग्रेस विधायक बावा हैनरी ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर आर्थिक नीतियों को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तनाव के चलते देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का जीना दूभर हो गया है और महिलाओं की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। विधायक हैनरी ने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय पार्टी ने जनता को राहत देने के लिए 5 रुपये वैट (VAT) घटाया था। उन्होंने पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से भी अपील की कि वे तेल पर वैट घटाकर राज्य की जनता को तुरंत राहत दें।
कॉर्पोरेट घरानों को लेकर उठाए सवाल
विधायक बावा हैनरी ने केंद्र सरकार पर कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल के दाम गिरे थे, तब भारत ने रशियन करेंसी के अनुसार करीब 30 फीसदी डिस्काउंट पर तेल खरीदा था। साल 2025 में केंद्र सरकार को एक्साइज ड्यूटी से भारी मुनाफा हुआ, लेकिन इसका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण अडानी को सस्ते में रिफाइनरी दी गई, जिससे वे देश के शीर्ष उद्योगपति बन गए, जबकि आम आदमी महंगाई की चक्की में पिस रहा है।
देश में बढ़ती महंगाई और छोटे कारोबारियों का संकट
कांग्रेस विधायक ने आम जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में देसी घी के दाम 80 से 100 रुपये, दूध की कीमतें 7 से 8 रुपये और पशुओं के चारे (खाल) के दाम 250 रुपये तक बढ़ चुके हैं। भारत अपनी जरूरत का 89 प्रतिशत क्रूड ऑयल आयात करता है, जबकि चीन जैसे देशों ने 2009 से ही ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) टेक्नोलॉजी की ओर रुख कर लिया था। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि देश को अंबानी-अडानी की सरकार चला रही है। एलपीजी सिलेंडरों के दामों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है और अब वह 25-25 दिनों की देरी से मिल रहा है। कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने के कारण छोटे कारोबारियों का धंधा चौपट हो चुका है और कई लोग अपने काम बंद करने पर मजबूर हो गए हैं।