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जालंधर ब्लास्ट में बड़ा खुलासा : इंस्टाग्राम से भट्टी के संपर्क में आया, इतने लाख रुपए में ब्लास्ट की हुई डील

भारत इंफो : जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के सामने 5 मई की रात हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय मनीर खान और अनिल शर्मा के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने खुफिया विंग की इनपुट के आधार पर पकड़ा है।

इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी डॉन के संपर्क में आया आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मनीर खान दसवीं फेल है और वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था। पूछताछ में पता चला कि ब्लास्ट को अंजाम देने के बदले उसे एक लाख रुपए दिए गए थे। पुलिस के अनुसार भट्टी ने ही उसे आईईडी मुहैया करवाया था और ब्लास्ट की पूरी योजना तैयार की थी।

सोशल मीडिया से सीखी बम की टाइमिंग सेट करना
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि मनीर खान ने सोशल मीडिया के जरिए बम की टाइमिंग सेट करना सीखा था। आरोपी ने ब्लास्ट से पहले इलाके की रेकी की थी। इसके बाद वह कार में मौके तक पहुंचा, लेकिन पीएपी चौक के पास उतरकर पैदल बीएसएफ हेडक्वार्टर की तरफ गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बम में करीब आठ मिनट की टाइमिंग सेट की और जल्दबाजी में आईईडी रखकर मौके से भाग निकला। वह सड़क पार कर दोबारा कार तक पहुंचा और वहां से सीधे जीरकपुर चला गया।

CCTV फुटेज से खुला पूरा मामला
ब्लास्ट के दौरान आरोपी मनीर खान सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था, लेकिन शुरुआत में यह पता नहीं चल पाया था कि वह मौके से कैसे फरार हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने बस अड्डे से लेकर पीएपी चौक तक करीब 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

जांच में एक संदिग्ध कार सामने आई, जो ब्लास्ट से पहले पीएपी चौक के पास रुकी थी और धमाके के करीब पांच मिनट बाद वहां से निकली। पुलिस ने कार की मूवमेंट ट्रेस करते हुए जीरकपुर तक जांच पहुंचाई, जहां से आरोपी का अहम फुटेज मिला। इसके बाद पुलिस ने लगातार निगरानी कर मनीर खान को गिरफ्तार कर लिया।

वीडियोग्राफी के लिए मिले थे पैसे
पुलिस सूत्रों के अनुसार यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी अनिल शर्मा भी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि अनिल शर्मा एक एजेंसी का मुखबिर है। जांच में यह भी सामने आया है कि ब्लास्ट के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग और लाइव विजुअल उपलब्ध करवाने के लिए उसे करीब 50 हजार रुपए दिए गए थे। हालांकि अधिकारी इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

पुलिस अब बम सप्लाई चेन की जांच में जुटी
पुलिस शुक्रवार को आरोपी मनीर खान को उस स्थान पर लेकर जाएगी, जहां से उसे आईईडी मिला था। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बम सप्लाई की पूरी चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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