भारत इंफो : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 6 सांसदों के BJP में शामिल होने के मुद्दे पर मंगलवार को नई दिल्ली में द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों का इस तरह पार्टी बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
“दो तिहाई बहुमत के बिना मर्ज संभव नहीं”
सीएम मान ने राष्ट्रपति को बताया कि किसी भी पार्टी का दूसरी पार्टी में विलय तभी संभव है जब दो-तिहाई सदस्य इसके पक्ष में हों। उन्होंने कहा कि केवल 6-7 सांसदों का ऐसा दावा करना नियमों के अनुरूप नहीं है और इसे मनमानी नहीं चलने दिया जा सकता। उन्होंने इस मुद्दे पर संविधान में संशोधन की जरूरत बताते हुए राइट टू रिकॉल लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जनता को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार मिलना चाहिए। सीएम मान सुबह ही पंजाब के 90 विधायकों को तीन वॉल्वो बसों में लेकर दिल्ली पहुंचे। इस कदम को पार्टी की एकजुटता दिखाने के रूप में देखा जा रहा है।
AAP छोड़ने वाले नेताओं का पलटवार
इससे पहले AAP छोड़ने वाले सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने के बाद उन्हें सरकारी मशीनरी के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी बदले की भावना से काम कर रही है और राजनीतिक विरोधियों को टारगेट किया जा रहा है। यह खतरनाक खेल है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वह किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ी तो हर परिस्थिति का सामना करेंगे।