1.01 करोड़ के मुआवजा घोटाले में विधायक, पति और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच; सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
भारत इंफो, चंडीगढ़
पंजाब में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मोगा से AAP विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सरकारी जमीनों को कथित तौर पर धोखाधड़ी से अपने रिश्तेदारों के नाम करवाने और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की करोड़ों रुपये की राशि में हेराफेरी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ED की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, जांच में सामने आया है कि सरकारी, नगर निगम और धर्मार्थ संस्थाओं की कई संपत्तियों के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर उन्हें विधायक के रिश्तेदारों और अन्य करीबी लोगों के नाम हस्तांतरित करवाया गया।
एजेंसी के मुताबिक, इस मामले की जांच पंजाब पुलिस द्वारा जून 2024 में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। मामला मोगा जिले में नेशनल हाईवे-754A के निर्माण के लिए अधिग्रहित सरकारी जमीन के मुआवजे से जुड़ा है। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा करके सरकारी जमीन के लिए करीब 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा गलत तरीके से जारी करवाया गया।
इन सरकारी और संस्थागत संपत्तियों का भी मामला
ED ने अपनी जांच में मोगा की कई संपत्तियों का उल्लेख किया है। इनमें जीरा रोड पर केंद्र सरकार की 13 मरले जमीन, सिविल लाइंस में पंजाब सरकार की 7 मरले जमीन, रेलवे रोड पर मार्केट कमेटी की 6 मरले जमीन और मोगा के मेहला सिंह-3 क्षेत्र में नगर निगम की 3 कनाल 16 मरले जमीन शामिल है।
इसके अलावा यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन की 52 मरले 8 सरसाहियों जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण की भी जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों के जरिए इन जमीनों को विधायक के रिश्तेदारों और अन्य संबंधित लोगों के नाम करवाया गया। मोगा में एक आवासीय संपत्ति की खरीद में अघोषित नकदी के इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
सात ठिकानों पर छापेमारी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
ED ने 4 नवंबर को विधायक, उनके पति, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें डॉ. राकेश अरोड़ा से जुड़े अस्पताल एवं नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल थे। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, मूल रजिस्ट्रियां, कथित फर्जी इंतकाल रसीदें, संपत्ति के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है। ED को कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े साक्ष्य मिलने का भी दावा है।
मामले में पंजाब पुलिस पहले ही पटवारी नवदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। फिलहाल ED की जांच जारी है। एजेंसी के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।