भारत इंफो, चंडीगढ़/मानसा
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का शव पोस्टमार्टम के लिए चंडीगढ़ स्थित PGI पहुंचा दिया गया है। गुरुवार देर रात करीब 11:45 बजे उनका शव मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी से एंबुलेंस के जरिए PGI रवाना किया गया था। शुक्रवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करेगी। इसके बाद शाम को मानसा में उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झोटा के परिवार और इंसाफ कमेटी की पंजाब सरकार के साथ हुई बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद पोस्टमार्टम की अनुमति दी गई। परिवार की प्रमुख मांगों में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल था।
सरकार ने परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा देने और झोटा की पत्नी को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने का भरोसा दिया है। इसके अलावा, मामले की जांच CBI को सौंपने, मानसा में झोटा की प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर ट्रॉमा सेंटर बनाने सहित कई अन्य मांगों पर भी सहमति बनी है।
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को झोटा की हत्या के बाद से उनका शव मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था। इंसाफ की मांग को लेकर परिवार और समर्थकों का आंदोलन करीब 24 दिनों तक चला। अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के साथ ही उनके अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हो गया है।