180 स्थानो का सुधार दर्ज किया, निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने सभी सदस्यों को बधाई दी
भारत इंफो, जालंधर
डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में एशिया के विश्वविद्यालयों में 486वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष 2026 की रैंकिंग में संस्थान 666वें स्थान पर था। इस वर्ष संस्थान ने 180 स्थान दर्ज किया है। इसके साथ ही एनआईटी जालंधर ने देश के सभी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि शिक्षा, शोध, नई खोजों, पेटेंट और संस्थान के लगातार विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है। इस उपलब्धि में संस्थान के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व विद्यार्थियों और अन्य सभी का योगदान रहा है।
इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने एनआईटी जालंधर के सभी सदस्यों को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों और शोधार्थियों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित उनके शोध पत्रों से संस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने शिक्षकों और शोधार्थियों द्वारा पेटेंट के लिए किए जा रहे आवेदनों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये प्रयास संस्थान में शोध और नई तकनीकों के विकास की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाते हैं। प्रो. कनौजिया ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक सहायता प्राप्त शोध परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शोध पत्रों का प्रकाशन, पेटेंट के लिए आवेदन, परामर्श कार्य और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर किए जा रहे शोध कार्यों ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में संस्थान की रैंक सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निदेशक प्रो. कनौजिया ने कहा कि रैंकिंग में 180 स्थानों का सुधार एनआईटी जालंधर के सभी सदस्यों की मेहनत और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों और शोधार्थियों द्वारा नए विषयों पर शोध करने, अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करने और विज्ञान, तकनीक तथा समाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी से शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, नई तकनीकों पर काम करने, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने और उद्योगों के साथ मिलकर काम करने के प्रयास जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान भविष्य में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।
यह उपलब्धि तकनीकी शिक्षा, शोध और नई तकनीकों के विकास के क्षेत्र में एनआईटी जालंधर के लगातार आगे बढ़ने का प्रमाण है। एशिया की रैंकिंग में पिछले वर्ष के 666वें स्थान से इस वर्ष 486वें स्थान पर पहुंचना और सभी एनआईटी में चौथा स्थान हासिल करना पूरे संस्थान के लिए गर्व की बात है।
इस अवसर पर डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. रोहित मेहरा और संस्थान के रजिस्ट्रार प्रो. अनीश सचदेवा ने भी एनआईटी जालंधर के सभी सदस्यों, कर्मियों एवं छात्रों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।