संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का कब्जा, 2028 की राजनीति के लिए बदले समीकरण
भारत इंफो, वॉशिंगटन
अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारा झटका लगा है, जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
मिडटर्म चुनावों ने अमेरिकी सत्ता के समीकरण बदल दिए हैं। व्हाइट हाउस में ट्रंप रहेंगे, लेकिन कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण अगले दो वर्षों में अमेरिकी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच हुए इन चुनावों को उनकी सरकार के कामकाज पर जनता की राय के तौर पर देखा जा रहा था। नतीजों ने व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच सत्ता का संतुलन बदल दिया है।
दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की वापसी
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुआ। वहीं सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर मतदान हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए जरूरी आंकड़ा पार कर लिया है। रिपब्लिकन पार्टी ने दोनों सदनों में अपना नियंत्रण गंवा दिया है। कुछ सीटों पर मतगणना और नतीजों की औपचारिक प्रक्रिया अभी जारी है।
टेक्सास में ऐतिहासिक उलटफेर
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका टेक्सास में देखने को मिला। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हराकर सीनेट सीट जीत ली। टेक्सास से 1988 के बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट ने सीनेट का चुनाव जीता है। इतना ही नहीं, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को हराकर राज्य में तीन दशक से अधिक पुराने रिपब्लिकन शासन का अंत कर दिया।
ट्रंप की नीतियों पर जनता की नाराजगी?
चुनाव के दौरान महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, ईरान युद्ध, टैरिफ और प्रशासन से जुड़े विवाद प्रमुख मुद्दे रहे। चुनावी विश्लेषण के अनुसार, इन मुद्दों ने रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया।डेमोक्रेट्स ने टेक्सास, आयोवा, कंसास और दक्षिण कैरोलिना जैसे राज्यों में भी महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
एलन मस्क की टिप्पणी भी चर्चा में
रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में भारी धनराशि खर्च करने वाले अरबपति एलन मस्क ने नतीजों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर व्यंग्य करते हुए लिखा, “Guess my election-interfering space lasers didn’t work this time.” उनकी इस टिप्पणी को चुनाव में रिपब्लिकन खेमे के प्रदर्शन पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा? ट्रंप के लिए बढ़ेंगी चुनौतियां
डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए अगले दो साल राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। विपक्ष अब सरकारी नीतियों, बजट, प्रशासनिक फैसलों और विभिन्न विवादों पर संसदीय जांच शुरू करने की स्थिति में होगा। डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति के नामांकित अधिकारियों की नियुक्तियों में भी बाधाएं पैदा कर सकते हैं और कई विधायी प्रस्तावों पर सरकार को समझौते के लिए मजबूर कर सकते हैं। दूसरी ओर, ट्रंप के पास राष्ट्रपति के तौर पर वीटो का अधिकार बरकरार रहेगा। ऐसे में दोनों दलों के बीच टकराव और नीतिगत गतिरोध की आशंका है।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी का आगाज?
इन नतीजों को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी राजनीति में बदलते जनमत के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी को अब अपनी जीत को संगठनात्मक मजबूती और राष्ट्रीय राजनीतिक समर्थन में बदलने की चुनौती होगी। वहीं रिपब्लिकन पार्टी के सामने ट्रंप की नीतियों, चुनावी रणनीति और पार्टी के भविष्य को लेकर आत्ममंथन का सवाल खड़ा हो गया है।