जहांगीरपुरी में AQI 417 दर्ज, दिल्ली में पहली बार इस सीजन ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंची हवा; GRAP-2 के प्रतिबंध लागू
भारत इंफो, नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण ने खतरनाक रूप लेना शुरू कर दिया है। सोमवार को दिल्ली की हवा इस सीजन में पहली बार ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 10 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 314 दर्ज किया गया।
राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इससे भी अधिक रहा। जहांगीरपुरी में AQI 417 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। पंजाबी बाग, रोहिणी, अलीपुर, आरके पुरम और मुंडका समेत कई इलाकों में भी AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया। आईटीओ, इंडिया गेट और अक्षरधाम के आसपास भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही।
GRAP-2 के तहत सख्ती
हवा की गुणवत्ता 300 के पार पहुंचने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के तहत उपाय लागू किए गए हैं। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण और यातायात प्रबंधन जैसे कदम उठाए जाते हैं।
सरकार के विंटर एक्शन प्लान के बावजूद बढ़ा प्रदूषण
दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से लागू हो चुका है। इसके तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण, अधिकृत पार्किंग में शुल्क बढ़ाने और सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति जैसे उपाय शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीमा पर वाहनों की जांच भी तेज की गई है। अधिकारियों के अनुसार पहले दिन करीब 15 हजार वाहनों की जांच की गई और 1,539 वाहनों को वापस लौटाया गया।
स्वास्थ्य के लिए बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार 301 से 400 के बीच AQI को बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा तथा हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
CPCB के अनुसार सुबह का AQI 314 था, जबकि दिन का अंतिम औसत आंकड़ा शाम 4 बजे जारी होना था।