loader-image
Jalandhar, IN
temperature icon 28°C
Breaking News

दिल्ली में 10 लाख लोगों की रैली से 20 बाजारों का कारोबार प्रभावित होने का खतरा, सोनिया गांधी से तारीख बदलने की अपील; 12 हजार करोड़ रुपये का रोजाना कारोबार दांव पर

रैली कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर होगी

भारत इंफो, नई दिल्ली

दिल्ली के व्यापारियों ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की रैली को देखते हुए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से इसकी तारीख बदलने की अपील की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पत्र लिखकर रैली 10-11 नवंबर के बाद कराने या फिर इसे बुराड़ी मैदान में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है।

CTI के अनुसार, रैली में करीब 10 लाख लोगों और 15 से 20 हजार वाहनों के पहुंचने की संभावना है। इससे चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार और करोल बाग सहित करीब 20 प्रमुख बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इन बाजारों में रोजाना लगभग 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का दावा किया गया है।

व्यापारियों का कहना है कि रोजाना 56 औद्योगिक क्षेत्रों से करीब 5 हजार ट्रक और टेंपो दिल्ली पहुंचते हैं, जबकि लगभग 3 हजार वाहन माल लेकर दिल्ली से बाहर जाते हैं। रैली के कारण यातायात और पार्किंग की समस्या होने के साथ माल की आवाजाही भी बाधित हो सकती है। व्यापारियों ने पहले राहुल गांधी को भी पत्र लिखे थे, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर अब सोनिया गांधी से हस्तक्षेप की मांग की है।

धनतेरस और दीपावली से पहले अहम दिन

इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर और दीपावली 8 नवंबर को है। व्यापारियों का कहना है कि 1 नवंबर का दिन त्योहारों के लिए सामान की आवाजाही, स्टॉक पहुंचाने और ग्राहकों की खरीदारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। CTI ने अपने पत्र में कहा है कि रैली में आने वाले 15 से 20 हजार वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मध्य दिल्ली में व्यापक यातायात जाम लग सकता है। संगठन ने आशंका जताई है कि हालात लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने यह रैली कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर बुलाई है। व्यापारियों ने कहा है कि त्योहारों के बाद रैली आयोजित करने से राजनीतिक कार्यक्रम भी हो सकेगा और बाजारों के कारोबार को नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *