परगट सिंह ने अपने पंजाब आगमन को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के बजाय धार्मिक आशीर्वाद और शुक्राने से जोड़ा
श्री दरबार साहिब से लेकर श्री दुर्गियाना मंदिर, राम तीर्थ, सेंट पॉल चर्च और डेरा बल्लां तक की यात्रा के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक विविधता के प्रति सम्मान का संदेश देने की कोशिश
मनुपाल शर्मा, जालंधर/अमृतसर
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने प्रदेश कांग्रेस की नई जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने पहले पंजाब दौरे की शुरुआत धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होकर की। गुरुवार को पंजाब पहुंचने पर परगट सिंह ने पहले अमृतसर में श्री दरबार साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, श्री राम तीर्थ तथा सेंट पॉल चर्च में शीश नवाया और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उनके साथ पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मौजूद रहे।
अमृतसर के बाद परगट सिंह जालंधर स्थित सच्चखंड श्री डेरा बल्लां साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने नतमस्तक होकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान धार्मिक स्थल की मर्यादा और गरिमा का ध्यान रखा गया। परगट सिंह ने अपने पंजाब आगमन को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के बजाय धार्मिक आशीर्वाद और शुक्राने से जोड़कर प्रस्तुत किया है।
दरअसल, 2 अक्टूबर को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद यह परगट सिंह का पहला पंजाब दौरा है। उनके साथ पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी पंजाब पहुंचे। अमृतसर एयरपोर्ट से दोनों नेताओं के एक साथ निकलने और धार्मिक स्थलों पर जाने को पार्टी के भीतर नई शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि परगट सिंह ने स्वयं स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा मुख्य रूप से गुरु घर और धार्मिक स्थलों पर आशीर्वाद लेने के लिए है और इसे राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
परगट सिंह के कार्यक्रम की एक विशेष बात यह भी रही कि उन्होंने अलग-अलग धर्मों के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर नतमस्तक होने का क्रम रखा। श्री दरबार साहिब से लेकर श्री दुर्गियाना मंदिर, राम तीर्थ, सेंट पॉल चर्च और डेरा बल्लां तक की यात्रा के माध्यम से उन्होंने पंजाब की धार्मिक और सामाजिक विविधता के प्रति सम्मान का संदेश देने की कोशिश की।
इससे पहले परगट सिंह ने अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील की थी कि धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम के दौरान धार्मिक मर्यादा और पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा बड़े जमावड़े से परहेज किया जाए।
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह के सामने संगठन को एकजुट रखने और आने वाले चुनावी दौर के लिए पार्टी को सक्रिय करने की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने उन्हें अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
धार्मिक आस्था से शुरुआत, राजनीतिक सक्रियता बाद में: परगट सिंह के पहले पंजाब दौरे की यही प्रमुख तस्वीर रही। पंजाब की सियासत में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका यह धार्मिक दौरा जहां व्यक्तिगत श्रद्धा और आशीर्वाद से जुड़ा रहा, वहीं अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर उनकी मौजूदगी ने सामाजिक समरसता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया।