भारत इंफो : अमृतसर के अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में सांसद अमृतपाल सिंह के साथ गिरफ्तार किए गए उनके साथी गुरिंदर पाल सिंह औजला को जालंधर कोर्ट में पेश किया गया। सदर थाने की पुलिस आज गुरिंदर पाल सिंह औजला को कड़ी सुरक्षा के बीच जालंधर लेकर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने गुरिंदर पाल सिंह औजला को साल 2023 में दर्ज की गई एफआईआर नंबर 25 के मामले में माननीय जज अर्जुन संधू की अदालत में पेश किया।
आर्म्स एक्ट के तहत लाया गया प्रोडक्शन वारंट पर
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गुरिंदर पाल सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज एफआईआर में जुर्म की धाराएं बढ़ाते हुए आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) का मामला भी जोड़ दिया गया है। इसी नए मामले में पूछताछ और आगे की जांच के लिए पुलिस आज गुरिंदर पाल सिंह को गोइंदवाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी।
वकील ने पुलिस की कार्रवाई को बताया राजनीति से प्रेरित
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरिंदर के वकील एडवोकेट परमिंदर सिंह विर्क ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि गुरिंदर पाल सिंह औजला पहले से ही एनएसए (NSA) एक्ट के तहत गोइंदवाल जेल में बंद है। आज पुलिस उसे एक बोगस मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। एडवोकेट विर्क ने बताया कि शुरुआत में पुलिस ने गुरिंदर के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें उसे जमानत मिल गई थी। जब गुरिंदर इंग्लैंड जाने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचा, तो उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में इस केस में जुर्म में बढ़ोतरी करते हुए उसे जेल भेज दिया गया।
कोर्ट ने सुनाया तीन दिन के रिमांड का फैसला
एडवोकेट ने स्पष्ट किया कि जब पुलिस ने गुरिंदर को पहली बार गिरफ्तार किया था, तब उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का कोई मामला दर्ज नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तीन साल बाद राजनीतिक दबाव के चलते उसके खिलाफ यह झूठा मामला दर्ज किया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए गुरिंदर के 5 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की थी, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने केवल 3 दिन का ही पुलिस रिमांड मंजूर किया है। अब पुलिस इन तीन दिनों में इस नए मामले को लेकर गुरिंदर से पूछताछ करेगी।