भारत इंफो : केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इस विवाद को लेकर बुधवार को वह चंडीगढ़ स्थित एससी आयोग (अनुसूचित जाति आयोग) के समक्ष पेश हुए। आयोग ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए और उनका पक्ष विस्तार से सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया है। यह मामला पुलिस कर्मियों को लेकर की गई एक बयानबाजी से जुड़ा था, जिस पर शिकायत दर्ज होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया शुरू हुई।
आयोग ने सुनाई धार्मिक सजा
सुनवाई के बाद एससी आयोग ने रवनीत बिट्टू को एक अनोखी धार्मिक सजा सुनाई है। आयोग के कड़े निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री को अपने इस कृत्य के लिए चार अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर जाकर माथा टेकना होगा। आयोग ने सुनवाई के दौरान सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को अपने बयानों में विशेष संयम बरतना चाहिए। किसी भी वर्ग, सरकारी संस्था या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली बयानबाजी से बचना एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।
राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज
एससी आयोग के समक्ष पेश होकर रवनीत बिट्टू ने अपना पक्ष और बचाव रखा था, लेकिन आयोग ने उन्हें धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होने का निर्देश जारी कर दिया। इस फैसले के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू की ओर से एससी आयोग द्वारा दिए गए इन सभी निर्देशों और धार्मिक सजा का पूरी तरह से पालन करने की सहमति जताई गई है।